Iran Warning to Trump: ईरान ने अमेरिका को दी सीधी चेतावनी, कहा अपनी गलती पर पछताओगे, गल्फ देशों में अलर्ट जारी
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को एक सख्त संदेश दिया है. 12 मार्च 2026 को जारी एक बयान में ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा कि वह तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक अमेरिका को उसकी भारी गलती का पछतावा न हो जाए. इस तनाव के कारण सऊदी अरब, UAE और कतर जैसे गल्फ देशों में हाई अलर्ट जारी किया गया है. वहां रहने वाले लोगों और भारतीय प्रवासियों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
गल्फ देशों में रहने वालों के लिए क्या हैं निर्देश?
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस टकराव का सीधा असर गल्फ देशों पर पड़ रहा है. सऊदी अरब ने 12 मार्च को 31 ड्रोन और 3 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया. इनमें से एक मिसाइल रियाद के Diplomatic Quarter की तरफ आ रही थी.
- सऊदी अरब, UAE और कतर ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है.
- कुवैत में भी कुछ मिसाइलों के मलबे गिरने से बिजली के तारों को मामूली नुकसान पहुंचा है.
- गल्फ सरकारों ने निवासियों और काम करने वाले प्रवासियों से अपील की है कि जब भी आसमान में एयर डिफेंस सिस्टम काम कर रहा हो तो वे पूरी तरह घरों के अंदर ही रहें.
अमेरिका और ईरान के बीच अभी क्या चल रहा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि उनका सैन्य अभियान ‘Operation Epic Fury’ जल्द खत्म हो सकता है क्योंकि अब निशाना बनाने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचा है. उन्होंने ईरान से बिना किसी शर्त के सरेंडर करने को कहा है. दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बघेई ने साफ कर दिया है कि जब तक हमले बंद नहीं होते, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी. इस बीच UN Security Council ने भी इस मामले में दखल दिया है.
- UNSC ने 11 मार्च को एक प्रस्ताव पास किया है जिसमें ईरान से गल्फ देशों पर हमले तुरंत रोकने को कहा गया है.
- इस टकराव में 28 फरवरी के बाद से अब तक ईरान में 1300 से ज्यादा आम नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं.
- ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थीं, जिसे स्थिर करने के लिए अमेरिका ने अपने रिजर्व से 172 मिलियन बैरल तेल बाजार में उतारा है.




