ईरान का अमेरिका को बड़ा अल्टीमेटम, Red Sea में मौजूद USS Gerald R Ford की मदद करने वालों पर होगा हमला
15 मार्च 2026 को ईरान के सैन्य अधिकारियों ने अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान के Khatam Al-Anbiya सेंट्रल हेडक्वार्टर ने साफ कर दिया है कि जो भी जगहें इस कैरियर की मदद कर रही हैं, उन्हें सैन्य निशाना बनाया जाएगा। यह जानकारी ईरान की प्रमुख न्यूज़ एजेंसी Tasnim के हवाले से सामने आई है।
ईरान ने क्या चेतावनी दी है?
ईरान की सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिका का यह एयरक्राफ्ट कैरियर ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। Tasnim न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, जो भी क्षेत्रीय केंद्र इस अमेरिकी जहाज को डॉक, ईंधन या किसी भी तरह की तकनीकी मदद देंगे, उन पर सीधा हमला किया जा सकता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी साफ किया कि ईरान के कदम सिर्फ अपनी रक्षा के लिए हैं और वे केवल हमलावरों के सैन्य ठिकानों को ही निशाना बना रहे हैं।
USS Gerald R Ford की मौजूदा स्थिति
अमेरिका का सबसे आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford (CVN 78) फिलहाल Red Sea (लाल सागर) में तैनात है। यह Operation Epic Fury मिशन का हिस्सा है। अमेरिकी नेवी (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि 12 मार्च को जहाज के लॉन्ड्री इलाके में एक आग लगी थी, लेकिन वह किसी हमले का नतीजा नहीं थी। अमेरिकी सेना के अनुसार यह कैरियर पूरी तरह से सुरक्षित है और हर तरह के कॉम्बैट के लिए तैयार है।
क्षेत्र में तनाव से जुड़ी मुख्य बातें
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब इस क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस ताज़ा विवाद से जुड़ी कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- क्षेत्र में जारी इस नए तनाव को अब 16 दिन हो चुके हैं।
- पिछले 24 घंटों में ईरान ने अमेरिका और सहयोगियों पर 53वीं बार हमला किया है।
- अमेरिका के ट्रंप प्रशासन की ओर से तय की गई बातचीत की समय सीमा खत्म हो चुकी है।
- ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने इस सैन्य कदम का समर्थन किया है।




