Iraqi Evacuation Update: नई दिल्ली में फंसे इराकी नागरिकों की वापसी शुरू, सऊदी अरब के रास्ते जाएंगे अपने देश
इराक के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण नई दिल्ली में फंसे इराकी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने का काम शुरू हो गया है। इराकी एयरवेज ने सऊदी अरब के अरार एयरपोर्ट (Arar Airport) के रास्ते इन लोगों को वापस भेजने की योजना बनाई है। क्षेत्रीय सुरक्षा कारणों से 28 फरवरी 2026 से इराक का एयरस्पेस नागरिक उड़ानों के लिए पूरी तरह बंद है। इसके बाद यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए यह वैकल्पिक रास्ता चुना गया है।
वापसी के लिए क्या हैं नियम और खर्च
इराकी परिवहन मंत्रालय के अनुसार यह विशेष इवैक्यूएशन फ्लाइट मुफ्त नहीं है। यात्रियों को अपने टिकट का पैसा खुद देना होगा, जिसकी कीमत प्रस्थान करने वाले शहर के हिसाब से तय की गई है। नई दिल्ली में फंसे नागरिकों को अपनी यात्रा पूरी करने के लिए इराकी एयरवेज के कार्यालय या इराकी दूतावास में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। 16 मार्च 2026 को अरार एयरपोर्ट से सड़क मार्ग के जरिए यात्रियों को बॉर्डर तक ले जाने की आधिकारिक शुरुआत हो चुकी है। ये विशेष उड़ानें 15 मार्च से 18 मार्च 2026 तक संचालित की जाएंगी। इसमें कुर्दिस्तान क्षेत्र के निवासियों को भी शामिल किया गया है।
सऊदी अरब ने दी खास ट्रांजिट वीज़ा की मंजूरी
यात्रियों को उनके देश पहुंचाने के लिए सऊदी अरब सरकार ने लैंड ट्रांजिट वीज़ा जारी करने की विशेष मंजूरी दी है। यह वीज़ा सिर्फ और सिर्फ इवैक्यूएशन के मकसद से दिया गया है, कोई भी इसका इस्तेमाल उमराह या पर्यटन के लिए नहीं कर सकता है। रियाद में इराकी दूतावास और सऊदी विदेश मंत्रालय के बीच समन्वय से यह सुविधा शुरू की गई है। यात्री फ्लाइट से सऊदी के अरार एयरपोर्ट पर उतरेंगे और वहां से बसों के जरिए अरार बॉर्डर क्रॉसिंग तक पहुंचेंगे, जिसके बाद वे इराक की सीमा में प्रवेश करेंगे। बॉर्डर पर दोनों देशों की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि यात्रियों को कोई परेशानी ना हो।




