UAE सरकार का बड़ा एक्शन, फर्जी वीडियो शेयर करने पर 19 भारतीय गिरफ्तार, 22 लाख का लगेगा जुर्माना
यूएई (UAE) में चल रहे क्षेत्रीय तनाव के बीच सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें और भ्रामक वीडियो फैलाने के आरोप में 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन गिरफ्तार किए गए लोगों में 19 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। यूएई के अटॉर्नी-जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने इन सभी पर तुरंत मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। इसके अलावा अबू धाबी पुलिस ने संवेदनशील इलाकों की वीडियो बनाने वाले 45 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।
किन मामलों में हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार किए गए लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं जो सीधे तौर पर देश की सुरक्षा से जुड़े हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह लोग तीन मुख्य तरह के अपराध में शामिल पाए गए हैं।
- AI वाले फर्जी वीडियो: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके इमारतों पर हमले और धमाकों के झूठे वीडियो बनाना और फैलाना।
- रक्षा प्रणालियों की रिकॉर्डिंग: यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम के असली वीडियो रिकॉर्ड करना और उनमें डराने वाले भ्रामक साउंड इफेक्ट जोड़ना।
- दुश्मन देश की तारीफ: किसी शत्रु देश की सैन्य गतिविधियों और उनके नेताओं का महिमामंडन करने वाले पोस्ट शेयर करना।
सजा और जुर्माना के कड़े नियम
यूएई के संघीय साइबर अपराध कानून के तहत अफवाह फैलाने और देश की सुरक्षा को खतरे में डालने पर बहुत सख्त सजा का प्रावधान है। यह नियम उन लोगों पर भी लागू होता है जो सिर्फ वीडियो या मैसेज को फॉरवर्ड या शेयर करते हैं, भले ही वह किसी प्राइवेट WhatsApp ग्रुप में क्यों न हो।
- जुर्माना: दोषी पाए जाने पर 100,000 दिरहम (करीब 22.6 लाख रुपये) से लेकर 200,000 दिरहम तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- जेल की सजा: सामान्य समय में इसकी सजा 1 साल है, लेकिन युद्ध या संकट के समय ऐसा करने पर कम से कम 2 साल की जेल होगी।
- डिपोर्टेशन: विदेशी नागरिकों को जेल की सजा काटने के बाद हमेशा के लिए उनके देश वापस भेज दिया जाएगा।
भारतीय दूतावास की एडवाइजरी
इन गिरफ्तारियों के बाद अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। सभी भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी सैन्य गतिविधि, हवाई अड्डे या हमलों से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर बिलकुल भी शेयर न करें। फिलीपींस दूतावास ने भी अपने नागरिकों को ऐसी ही चेतावनी दी है क्योंकि उनके भी 2 नागरिक गिरफ्तार हुए हैं। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे सिर्फ आधिकारिक सरकारी एजेंसियों की खबरों पर ही भरोसा करें।




