ईरान की सेना IRGC ने अमेरिकी ठिकानों पर एक बार फिर बड़ा हमला किया है। 7 मार्च 2026 को मिली जानकारी के मुताबिक, यह हमलों का 23वां दौर था जिसे “Operation True Promise 4” नाम दिया गया है। इस हमले में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।

किन जगहों पर गिराई गई मिसाइलें?

IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने नई तकनीक वाली सॉलिड और लिक्विड फ्यूल मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट के अनुसार, बहरीन में Sheikh Isa और Juffair बेस पर हमले किए गए। वहीं, कुवैत में Ali al-Salem और जॉर्डन में al-Azraq बेस को भी निशाना बनाया गया। ईरान ने इसे अपनी आत्मरक्षा बताया है और कहा है कि यह हमला पूरी तरह से सटीक यानी “flawless execution” था।

उड़ानों और बाज़ार पर क्या असर पड़ा?

इस तनाव के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और आम लोगों के लिए चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि कई उड़ानों के रास्ते बदले गए हैं, जिससे Turkish Airlines जैसी कंपनियों की सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा, युद्ध के कारण ग्लोबल मार्केट में कोयले की कीमतों में भारी उछाल आया है। जो लोग इन देशों से सफर करते हैं, उन्हें अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करते रहने की जरूरत है।

अमेरिका और इजरायल का क्या कहना है?

अमेरिकी सेना की CENTCOM ने बताया है कि वे अपने ठिकानों की सुरक्षा कर रहे हैं। हालांकि ईरान ने एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और Amazon डेटा सेंटर को भी निशाना बनाने का दावा किया, लेकिन अमेरिका ने जहाज पर हमले की बात को खारिज कर दिया है। इजरायल के बेर्शेबा इलाके में भी तकनीकी केंद्रों पर हमले की खबर है। दोनों पक्षों के बीच यह तनाव फरवरी के अंत से काफी बढ़ गया है और अभी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.