Israel IDF का बड़ा कबूलनामा, Hezbollah को निहत्था करना नामुमकिन, Netanyahu ने अब बातचीत का रास्ता खोला
इसराइल और लेबनान के बीच चल रही जंग में एक नया मोड़ आया है। इसराइल की सेना (IDF) ने यह स्वीकार किया है कि Hezbollah को पूरी तरह से निहत्था करना फिलहाल मुमकिन नहीं है। Haaretz अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा करने के लिए पूरे लेबनान पर कब्जा करना होगा, जो अभी इसराइल के प्लान में नहीं है।
IDF और Haaretz की रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ?
3 अप्रैल 2026 को एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि Hezbollah को निहत्था करना मौजूदा अभियान का वास्तविक लक्ष्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि इसके लिए लेबनान में बड़े पैमाने पर घुसपैठ करनी होगी। 5 अप्रैल को Haaretz ने खबर दी कि सेना ने माना है कि बिना लेबनान के इलाकों पर कब्जा किए हथियारों को जब्त करना मुश्किल है। अब सेना का मुख्य मकसद केवल Hezbollah की ताकत को कम करना और उत्तरी इसराइल के लिए खतरों को घटाना है।
बातचीत की कोशिश और Netanyahu का रुख
प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने 9 अप्रैल को लेबनान के साथ सीधी बातचीत की अनुमति दे दी है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य Hezbollah का निशस्त्रीकरण और शांति समझौता करना है। हालांकि, Netanyahu ने 10 अप्रैल को साफ किया कि लेबनान में कोई युद्धविराम (Ceasefire) नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि बातचीत तो होगी, लेकिन हमले जारी रहेंगे और सुरक्षा बहाल होने तक सेना पीछे नहीं हटेगी।
ताज़ा हमले और मौजूदा हालात
11 अप्रैल को Hezbollah ने उत्तरी इसराइल की तरफ लगभग 30 रॉकेट दागे, जिसमें चार लोग घायल हुए। Hezbollah प्रमुख Naim Qassem ने दावा किया कि इसराइल अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम रहा है। वहीं, अमेरिका के अनुरोध पर इसराइल ने बेरूत में अपने हमले रोकने पर सहमति जताई है। अगले हफ्ते अमेरिका के नेतृत्व में इसराइल और लेबनान के बीच सीधी बातचीत होने वाली है।




