Israel और America ने Iran पर किया भीषण हमला, ‘Operation Roaring Lion’ से मिडिल ईस्ट में भारी तनाव
इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने देश को संबोधित करते हुए एक बड़े सैन्य अभियान का ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा है कि यह इज़राइल के अस्तित्व की लड़ाई है। अमेरिका के साथ मिलकर इज़राइल ने ‘Operation Roaring Lion’ शुरू किया है, जिसके तहत ईरान के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इस हमले के बाद से पूरे क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।
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क्या है ‘Operation Roaring Lion’?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इज़राइल और अमेरिकी वायुसेना ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान के आसमान पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। पिछले 24 घंटों के अंदर वहां के तेल डिपो, मिसाइल लॉन्चर्स और परमाणु केंद्रों पर भारी बमबारी की गई है। इसे एक ‘निर्णायक अभियान’ माना जा रहा है जिसका मकसद ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह से खत्म करना है। नेतन्याहू ने अपने संबोधन में कहा कि जब तक सारे लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते, यह कार्रवाई जारी रहेगी।
भारतीयों और आम लोगों पर इसका असर
मिडिल ईस्ट में चल रहे इस संघर्ष का सीधा असर आम लोगों पर पड़ने लगा है। तेल की सप्लाई प्रभावित होने के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें बढ़ने लगी हैं। इसका असर भारत समेत कई देशों में देखने को मिल सकता है।
- भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 52,000 से ज्यादा भारतीय नागरिक इस क्षेत्र से सुरक्षित वापस लौट चुके हैं।
- जो लोग अभी भी खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं, उन्हें हालात पर नज़र रखने की सलाह दी जा रही है।
- सिंगापुर और अन्य एशियाई बाजारों में भी तेल के दाम में उछाल देखा गया है।
नेतन्याहू ने दी बड़ी चेतावनी
अपने संदेश में नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने मिलकर मध्य पूर्व का चेहरा बदलने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने अपनी वायुसेना और सुरक्षा बलों के साहस की तारीफ करते हुए कहा कि ‘हम सब मिलकर शेर की तरह दहाड़ेंगे।’ इसके अलावा, लेबनान सरकार को भी चेतावनी दी गई है कि अगर हिजबुल्लाह को नहीं रोका गया, तो उसके परिणाम काफी गंभीर हो सकते हैं। इज़राइल ने साफ कर दिया है कि वह अब केवल जवाब नहीं दे रहा, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए पहले से ही बड़े कदम उठा रहा है।





