Israel-Iran War: इजरायल ने ईरान पर दागे 15,000 गोले, रक्षा मंत्री बोले अब शुरू होगा सबसे घातक दौर
इजरायल और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक बहुत ही खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ युद्ध अब अपने सबसे घातक और निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है। 25 मार्च 2026 को दिए गए इस आधिकारिक बयान के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है। दोनों देशों के बीच चल रही इस सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है और इसके बड़े असर होने की आशंका है।
📰: UAE और खाड़ी देशों पर ईरान का बड़ा हमला, 26 दिनों में दागे गए सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन।
ईरान पर हमलों को लेकर क्या बोले इजरायल के रक्षा मंत्री?
इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने बताया कि इजरायल अब ईरान के साथ युद्ध के ऐसे चरण में है जहां हमले पहले से कहीं ज्यादा तेज होंगे। उन्होंने जानकारी दी कि 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए ‘Operation Roaring Lion’ के तहत अब तक ईरान पर 15,000 से ज्यादा मिसाइलें और गोले दागे जा चुके हैं। यह संख्या जून 2025 में हुए 12 दिनों के युद्ध के मुकाबले चार गुना ज्यादा है।
- इजरायल और अमेरिका की सेनाएं मिलकर इन हमलों को और तेज करने की योजना बना रही हैं।
- रक्षा मंत्री ने साफ किया कि यह सैन्य अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते।
- आने वाले दिनों में ईरानी ठिकानों पर और भी बड़े हमले होने की संभावना जताई गई है।
ऑपरेशन ‘रोअरिंग लायन’ के मुख्य आंकड़े और जानकारी
इजरायली रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक, यह पूरा ऑपरेशन ईरानी शासन और वहां के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए चलाया जा रहा है। नीचे दी गई तालिका में ऑपरेशन से जुड़ी मुख्य बातें दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| ऑपरेशन का नाम | Operation Roaring Lion |
| शुरुआत की तारीख | 28 फरवरी 2026 |
| दागे गए प्रोजेक्टाइल | 15,000 से अधिक |
| मुख्य लक्ष्य | ईरानी शासन और इंफ्रास्ट्रक्चर |
इस युद्ध का असर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और प्रवासियों पर भी पड़ सकता है। सुरक्षा हालातों को देखते हुए कई देशों ने अपनी पैनी नजर बना रखी है। इजरायली सरकार ने यह भी कहा है कि उनका मकसद ईरानी नेतृत्व को बदलना है और इसके लिए वे हर संभव सैन्य कदम उठाएंगे। युद्ध के इस नए चरण से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और व्यापार पर भी प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।




