Iran-US Talks: पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका की बड़ी मीटिंग, रावलपिंडी एयरपोर्ट पर उतरे विमान, युद्ध रोकने की कोशिश

Praggya Singh sabal11 April 20262 min read17 viewsWorld

पाकिस्तान के रावलपिंडी में ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत शुरू हुई है। 11 अप्रैल 2026 को दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल नूर खान एयर बेस पहुंचे। यह मीटिंग पाकिस्तान की मध्यस्थता से हो रही है ताकि क्षेत्र और दुनिया में शांति बनी रहे। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में फिलहाल दो हफ्ते का युद्धविराम चल रहा है, जिसकी शुरुआत 8 अप्रैल को हुई थी।

बातचीत में कौन-कौन शामिल है

इस अहम मीटिंग में दोनों देशों के बड़े नेता और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance, जेरेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ आए हैं। ईरान की ओर से संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। पाकिस्तान की तरफ से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री इशाक डार और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।

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दोनों देशों की शर्तें और मांगें

ईरान और अमेरिका ने एक-दूसरे के सामने अपनी शर्तें रखी हैं। ईरान ने 10 पॉइंट का प्रस्ताव दिया है, जबकि अमेरिका ने 15 पॉइंट का प्लान पेश किया है। दोनों पक्षों के बीच मुख्य मुद्दों पर टकराव है।

ईरान की मुख्य मांगें अमेरिका की मुख्य मांगें
युद्ध का पूरी तरह खत्म होना ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाना
लेबनान पर इसराइली हमलों का बंद होना Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलना
सभी अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
ईरान के सहयोगियों पर हमला न होना परमाणु गतिविधियों की कड़ी निगरानी

अब तक क्या हुआ और आगे क्या होगा

इस्लामाबाद के सेरेना होटल में बातचीत शुरू हुई, जहाँ एक्सपर्ट टीमों ने लिखित दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया है। चर्चा का तीसरा दौर चल रहा है और यह मीटिंग 11 अप्रैल के बाद भी आगे बढ़ सकती है। एक ईरानी सूत्र के मुताबिक, अमेरिका ने कतर और अन्य विदेशी बैंकों में जमा ईरान की रकम छोड़ने पर सहमति जताई है, लेकिन इसके बदले में होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रास्ता मांगा है।

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