Israel-Iran War Update: इस्राइल ने ईरान की नेवी को किया तबाह, दुबई एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स सस्पेंड और खाड़ी देशों में अलर्ट
16 मार्च 2026 को इस्राइल की सेना (IDF) ने ईरान पर अपने अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक को अंजाम दिया है। इस्राइल ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान के नेवी बेस और तेहरान के एयरपोर्ट को सटीक निशाना बनाया है। इस युद्ध का असर अब पूरे गल्फ क्षेत्र में साफ देखने को मिल रहा है। इसके कारण दुबई एयरपोर्ट (DXB) पर कुछ घंटों के लिए फ्लाइट्स रोकनी पड़ी और सऊदी अरब में कई ड्रोन हवा में ही मार गिराए गए।
दुबई एयरपोर्ट पर असर और खाड़ी देशों का हाल
इस सैन्य संघर्ष का सीधा असर गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और यात्रियों पर पड़ रहा है। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) के पास एक फ्यूल स्टोरेज सुविधा में ड्रोन से लगी आग के कारण कई घंटों तक उड़ानों को सस्पेंड करना पड़ा। हालांकि, 16 मार्च की देर रात तक एयरपोर्ट का संचालन धीरे-धीरे फिर से शुरू हो गया है।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि आधी रात के बाद से देश के पूर्वी हिस्से में 61 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा, UAE में एक नागरिक वाहन पर मिसाइल गिरने की घटना सामने आई है। इसके बाद कतर और UAE ने इन हमलों को बेहद खतरनाक बताते हुए इसकी निंदा की है। वहीं, ईरान के IRGC ने मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी है और वहां काम करने वाले कर्मचारियों को तुरंत जगह खाली करने को कहा है।
इस्राइल के हमले में ईरान का क्या नुकसान हुआ
इस्राइल के सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने 16 मार्च को पूरे ईरान में 100 से ज्यादा उत्पादन व हथियार केंद्रों और 500 कमांड व कंट्रोल सेंटर पर भारी बमबारी की है। इस्राइल का दावा है कि 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक ईरान की 85 प्रतिशत रक्षा क्षमता और 70 प्रतिशत मिसाइल लॉन्चर नष्ट किए जा चुके हैं।
- ईरान की नेवी: इस्राइल ने ईरान के नेवी बेस पर हमला करके उनकी पनडुब्बियों और फास्ट-अटैक नावों को बड़े स्तर पर तबाह कर दिया है।
- तेहरान एयरपोर्ट: तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर एक सटीक हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के इस्तेमाल वाले विमान को नष्ट कर दिया गया है।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): इस अहम समुद्री रास्ते पर अब पूरी तरह व्यापार रुक गया है। इस्राइल ने ईरान के बंदर अब्बास और चाबहार नेवल बेस को भारी नुकसान पहुंचाया है ताकि ईरान इस रास्ते पर कब्जा न कर सके।
आगे क्या है युद्ध की स्थिति
इस्राइल की सेना ने इस युद्ध को कम से कम तीन और हफ्तों तक बड़े स्तर पर जारी रखने के प्लान को मंजूरी दे दी है। इसके लिए 1,10,000 से ज्यादा इस्राइली रिजर्व सैनिकों को मैदान में उतारा गया है। इस बीच, समुद्री व्यापार को फिर से शुरू करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एक नया गठबंधन बनाने पर बातचीत कर रहे हैं ताकि दुनिया भर के जहाजों के लिए खाड़ी का रास्ता सुरक्षित हो सके।




