Israel-Iran War Update: इसराइल ने ईरान पर किया बड़ा हमला, तेहरान के एयरपोर्ट और तेल डिपो तबाह, ट्रंप ने दी आख़िरी चेतावनी
इसराइल और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक भीषण युद्ध का रूप ले चुका है। 7 अप्रैल 2026 को इसराइली वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान सहित उत्तरी इलाकों में जबरदस्त बमबारी की है। इस हमले में ईरान के परदिस और शहरियार जैसे शहरों में भारी तबाही हुई है और आम नागरिकों के साथ-साथ सैन्य अधिकारियों की भी जान गई है। स्थिति को देखते हुए खाड़ी देशों में अलर्ट जारी है क्योंकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।
ईरान में हुए हमलों और नुकसान का पूरा विवरण
इसराइली सेना ने इस बार ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है ताकि उसकी सैन्य क्षमता को कमजोर किया जा सके। हमले की गंभीरता को देखते हुए इसराइली सेना ने ईरान के लोगों को ट्रेनों में सफर न करने की सलाह दी थी। ईरान के अलग-अलग हिस्सों में हुए नुकसान की जानकारी नीचे दी गई है।
| प्रभावित क्षेत्र/इकाई | नुकसान का विवरण |
|---|---|
| तेहरान एयरपोर्ट्स | बहराम, मेहराबाद और आज़माइश एयरपोर्ट पर विमान और सैन्य बुनियादी ढांचा तबाह |
| पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स | ईरान का सबसे बड़ा पेट्रोकेमिकल केंद्र जो गैस सप्लाई करता था, उसे निशाना बनाया गया |
| परदिस और शहरियार | इन दो इलाकों में बमबारी से कम से कम 15 लोगों की मौत हुई |
| सैन्य नेतृत्व | IRGC के इंटेलिजेंस चीफ मेजर जनरल माजिद खादेमी की हमले में मौत हुई |
| धार्मिक स्थल | तेहरान में एक सिनेगॉग (यहूदी इबादतगाह) पूरी तरह नष्ट हो गया |
क्षेत्रीय प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ईरान ने इस हमले का जवाब देने के लिए इसराइल के हाइफा और तेल अवीव पर मिसाइलें दागी हैं। इसके साथ ही ईरान ने सऊदी अरब, कुवैत और यूएई की तरफ भी मिसाइलें और ड्रोन भेजे हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि तनाव बढ़ने से उड़ानों और सामान्य जीवन पर असर पड़ सकता है। अमेरिका ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोलने की डेडलाइन दी है और ऐसा न करने पर पावर प्लांट तबाह करने की धमकी दी है।
- IAEA के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हमले से परमाणु सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
- न्यूजीलैंड जैसे देशों ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और युद्ध रोकने की अपील की है।
- ईरान ने किसी भी तरह के संघर्ष विराम (सीजफायर) के प्रस्ताव को फिलहाल ठुकरा दिया है और युद्ध जारी रखने की बात कही है।
- सऊदी अरब और अन्य पड़ोसी देशों को भी ईरानी मिसाइलों का सामना करना पड़ा है जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में है।




