Israel ने Lebanon पर फिर किया हमला, एयर स्ट्राइक में 5 की मौत, आम जनता के लिए खाली करने के आदेश जारी.
दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों के बाद अफरातफरी का माहौल है। 6 अप्रैल 2026 को हुए ताज़ा हमले में पांच लोगों के मारे जाने की खबर आई है, जिसके बाद हताहतों की कुल संख्या बढ़ गई है। इजरायली सेना ने दक्षिणी इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत घर खाली करने का आदेश दिया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में हमलों की तीव्रता काफी बढ़ गई है जिससे आम नागरिकों और बच्चों को भी जान गंवानी पड़ी है।
हमलों में अब तक कहां और कितना नुकसान हुआ?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अलग-अलग इलाकों में हुए हमलों का डेटा साझा किया है। हमलों की वजह से रिहायशी इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। नीचे दी गई टेबल में जान-माल के नुकसान का ब्यौरा है:
| इलाका | नुकसान की जानकारी |
|---|---|
| दक्षिणी लेबनान | ताजा हवाई हमले में 5 लोगों की मौत हुई। |
| Kfar Hatta | एक 4 साल की बच्ची और एक सैनिक सहित 7 लोगों की जान गई। |
| Beirut (Jnah) | हवाई हमले में 5 लोगों की मौत और 52 लोग घायल हुए। |
| Ain Saadeh | पहाड़ी इलाकों में 3 लोगों की मौत हुई, जिनमें 2 महिलाएं थीं। |
| Toul Village | एक दंपति की मौत हुई और उनके दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए। |
| Haris (Bint Jbeil) | 2 पैरामेडिक्स (स्वास्थ्य कर्मी) की मौत और एक गंभीर घायल। |
इजरायली सेना के आदेश और अंतरराष्ट्रीय जगत की प्रतिक्रिया क्या है?
इजरायल की तरफ से आने वाले समय में सैन्य कार्रवाई को और तेज़ करने के संकेत मिले हैं। इसकी वजह से लेबनान के लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आम जनता को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
- खाली करने का आदेश: इजरायली सेना ने Kfar Hatta सहित दक्षिणी लेबनान के कई कस्बों के लिए जबरन खाली करने के आदेश जारी किए हैं।
- सीमा पर कब्जा: इजरायली सैन्य अधिकारियों का कहना है कि वे Litani River और बॉर्डर के बीच के इलाके पर अनिश्चित काल के लिए कब्जा रखने की योजना बना रहे हैं।
- बॉर्डर क्रॉसिंग पर खतरा: Masnaa बॉर्डर क्रॉसिंग को बंद करने की चेतावनी दी गई है, जिससे लेबनान और सीरिया के बीच व्यापार और आवाजाही रुक सकती है।
- UN की चेतावनी: संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres ने कहा है कि यह संकट अब एक बड़े युद्ध की कगार पर है और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना जरूरी है।
- विस्थापन की समस्या: मार्च से अब तक करीब 12 लाख लोग अपना घर छोड़ चुके हैं, जिससे लेबनान के शेल्टर होम में जगह की भारी कमी हो गई है।




