इज़राइल ने लेबनान में पुलों को नष्ट करने का दिया आदेश, युद्ध और तेज़ करने का ऐलान
इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच चल रहा संघर्ष अब और भी घातक मोड़ पर पहुँच गया है। रविवार 22 मार्च 2026 को इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने सेना को लेबनान में लिटानी नदी (Litani River) पर बने सभी पुलों को तुरंत नष्ट करने के निर्देश दिए हैं। इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य हिज़्बुल्लाह की गतिविधियों को रोकना और इज़राइली सीमा के पास सुरक्षा घेरा मजबूत करना बताया गया है। इज़राइली सेना ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान अभी लंबा चलेगा।
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इज़राइल ने लिटानी नदी के पुलों को क्यों बनाया निशाना?
इज़राइली रक्षा मंत्री के अनुसार लिटानी नदी पर बने पुलों का इस्तेमाल हिज़्बुल्लाह अपने लड़ाकों और हथियारों को दक्षिणी सीमा की ओर भेजने के लिए कर रहा है। सेना ने विशेष रूप से तटीय राजमार्ग पर स्थित कास्मिया पुल (Qasmiya Bridge) को निशाना बनाने की योजना की पुष्टि की है। इसके साथ ही इज़राइल ने सीमावर्ती लेबनानी गाँवों में घरों को गिराने की प्रक्रिया भी तेज़ कर दी है। इज़राइल का तर्क है कि वह अपने नागरिक इलाकों को खतरों से बचाने के लिए बफर ज़ोन बनाना चाहता है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन और ज़मीनी हमले की तैयारी बताया है।
युद्ध के ताज़ा आंकड़े और ज़मीनी हकीकत
पिछले 24 घंटों में हिंसा में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। हिज़्बुल्लाह ने इज़राइल के उत्तरी इलाकों जैसे अवीविम और मिशगाम आम पर 110 से अधिक रॉकेट और ड्रोन हमले किए हैं। इन घटनाओं के बीच स्थिति इस प्रकार है:
| मुख्य विवरण | ताज़ा आंकड़े (22 मार्च 2026) |
|---|---|
| लेबनान में कुल मौतें | 1,000 से अधिक नागरिक और लड़ाके |
| विस्थापित लोगों की संख्या | लगभग 10 लाख लोग घर छोड़ने पर मजबूर |
| इज़राइली नागरिक हताहत | 1 व्यक्ति की मौत (पहली नागरिक मौत) |
| इज़राइली सेना का नुकसान | दक्षिण लेबनान में 2 सैनिकों की मौत |
| हिज़्बुल्लाह के हमले | सप्ताहांत में 110 अलग-अलग हमले |
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख ने इस कार्रवाई की आलोचना की है। पुलों के नष्ट होने से दक्षिण लेबनान के लाखों लोगों के लिए रसद और ज़रूरी सामान की सप्लाई पूरी तरह ठप होने का डर है। सैन्य प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल ज़मीर ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआत है और इज़राइली सेना अपनी कार्रवाई को और गहरा करेगी।




