Israel Lebanon War: इजराइल का बेरूत पर बड़ा हवाई हमला, हिजबुल्लाह के ठिकानों को बनाया निशाना, 6 की मौत
इजराइली सेना (IDF) ने 27 मार्च 2026 को लेबनान की राजधानी बेरूत और दक्षिणी इलाकों में जोरदार हवाई हमलों की नई लहर शुरू की है। इजराइल का दावा है कि ये हमले हिजबुल्लाह के ठिकानों और उनके बुनियादी ढांचे को तबाह करने के लिए किए जा रहे हैं। इन हमलों में अब तक कम से कम 6 लोगों की जान जाने की खबर है और कई लोग घायल हुए हैं। दक्षिणी लेबनान के कई गावों में इजराइली सेना और हिजबुल्लाह के लड़ाकों के बीच जमीन पर सीधे टकराव की भी खबरें सामने आ रही हैं।
इस हमले में कितना नुकसान हुआ और कौन से इलाके प्रभावित हुए?
इजराइली वायु सेना ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों, जिन्हें Dahiyeh कहा जाता है, वहां कई मिसाइलें दागीं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में आम नागरिकों को भारी नुकसान पहुंचा है।
- बेरूत के Tahouitet al-Ghadir इलाके में सुबह होने से पहले हुए हमले में 2 लोगों की मौत हुई।
- सिडोन जिले के Saksakiyeh शहर में हुए हमले में 4 नागरिकों की जान चली गई और 8 लोग जख्मी हुए।
- दक्षिणी लेबनान के Tyre, Nabatieh और Bint Jbeil जैसे जिलों में भी भारी बमबारी की गई है।
- Hezbollah ने दावा किया है कि उनके लड़ाके Bayada और Shamaa गांव में इजराइली सेना का मुकाबला कर रहे हैं।
इजराइली अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या कहना है?
| अधिकारी या संस्था | मुख्य अपडेट और बयान |
|---|---|
| Effie Defrin (IDF Spokesperson) | इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान में काफी अंदर तक पहुंच गई है। अगर लेबनान सरकार हिजबुल्लाह को नहीं रोकती, तो IDF खुद कार्रवाई करेगी। |
| Israel Katz (रक्षा मंत्री) | इजराइल के हमले अभी और बढ़ेंगे और ईरान को इस युद्ध के लिए भारी कीमत चुकानी होगी। |
| UNICEF और UNHCR | लेबनान में मानवीय संकट गहराता जा रहा है और 10 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ चुके हैं। |
| Lebanese Health Ministry | 2 मार्च 2026 से अब तक इजराइली हमलों में 1,116 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। |
लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने कहा है कि युद्ध और शांति का फैसला सिर्फ लेबनान सरकार के हाथ में होना चाहिए। उन्होंने हिजबुल्लाह की रॉकेट कार्रवाई को लेबनान के लिए एक जाल बताया है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि दक्षिणी लेबनान में पुल और रास्ते टूटने की वजह से करीब 1.5 लाख लोग इलाकों में फंसे हुए हैं और वहां मदद पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। इजराइली सेना का लक्ष्य Litani River तक एक सुरक्षा घेरा बनाना है।




