Isreal-Lebanon Negotiation: इसराइल और लेबनान के बीच कल होगी बड़ी बैठक, वॉशिंगटन में जुटेंगे दोनों देश, अमेरिका की कोशिश शांति की
इसराइल और लेबनान के बीच तनाव कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों के प्रतिनिधि मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में बैठक करेंगे। अमेरिकी विदेश विभाग इस पूरी बातचीत की मेजबानी करेगा ताकि क्षेत्र में शांति लौट सके। हालांकि, यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब दोनों तरफ सैन्य गतिविधियां जारी हैं।
बातचीत में क्या हैं मुख्य शर्तें और मांगें?
लेबनान की सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बड़ी बातचीत के लिए पहले युद्धविराम होना चाहिए और इसराइल को कब्जे वाले इलाकों से हटना होगा। दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शर्त रखी है कि हिज़्बुल्लाह का पूरी तरह निशस्त्रीकरण होना चाहिए और एक स्थायी शांति समझौता होना चाहिए। इसराइल ने यह भी साफ कर दिया है कि वह हिज़्बुल्लाह के साथ युद्धविराम पर चर्चा नहीं करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल होंगे?
वाशिंगटन में होने वाली इस बैठक में तीनों पक्षों के मुख्य अधिकारी हिस्सा लेंगे, जिनकी सूची नीचे दी गई है:
| देश/पक्ष | प्रतिनिधि का नाम |
|---|---|
| लेबनान | नादा हमादेह मावाद (राजदूत) |
| इसराइल | येहिएल लीटर (राजदूत) |
| अमेरिका | मिशेल इस्सा और माइक नीडहम |
युद्ध के बीच बातचीत, क्या है मौजूदा हालात?
इसराइल के चैनल 14 ने बताया है कि यह बातचीत गोलाबारी के बीच होगी, जिसका मतलब है कि बातचीत के दौरान भी सैन्य हमले जारी रह सकते हैं। 13 अप्रैल को इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के बिंत जुबैल शहर पर हमला किया था। वहीं, हिज़्बुल्लाह ने इसराइल के साथ सीधी बातचीत करने से साफ मना कर दिया है और बेरूत में इसके समर्थन में विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं।




