सऊदी अरब के रियाद में स्थित किंग अब्दुल्ला फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट (KAFD) ने अपने नए ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर काम तेज कर दिया है। 26 जनवरी 2026 तक मिली जानकारी के अनुसार, यहाँ एक फुली इलेक्ट्रिक और बिना ड्राइवर वाली मोनोरेल बनाने की तैयारी चल रही है। यह प्रोजेक्ट शहर के ट्रैफिक को कम करने और लोगों को ऑफिस या घर तक जल्दी पहुँचाने के लिए डिजाइन किया गया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मोनोरेल के डिब्बों और पुलों का डिजाइन काम शुरू हो चुका है।
कैसा होगा यह मोनोरेल सिस्टम?
यह मोनोरेल जमीन से ऊपर एक एलिवेटेड ट्रैक पर चलेगी। इसे ‘चौथे लेवल’ पर बनाया जा रहा है, जो इसे दुनिया के सबसे ऊंचे ट्रैक सिस्टम में से एक बनाता है। यह पूरा नेटवर्क 3.6 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें कुल 6 स्टेशन बनाए जाएंगे। यह स्टेशन ऑफिस, रिहायशी इलाकों और शॉपिंग एरिया को आपस में जोड़ेंगे। सबसे खास बात यह है कि पूरा चक्कर लगाने में ट्रेन को सिर्फ 11 मिनट का समय लगेगा।
प्रोजेक्ट से जुड़ी खास जानकारी
इस प्रोजेक्ट में इस्तेमाल होने वाली ट्रेनें और इंफ्रास्ट्रक्चर काफी आधुनिक होंगे। नीचे दी गई टेबल में आप इसकी तकनीकी जानकारी देख सकते हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लंबाई | 3.6 किलोमीटर |
| स्टेशन की संख्या | 6 स्टेशन |
| ट्रेनों की संख्या | 6 (बिना ड्राइवर वाली) |
| रफ्तार (अधिकतम) | 55 किमी प्रति घंटा |
| यात्री क्षमता | 50,000 से ज्यादा रोजाना |
| ट्रेन की फ्रीक्वेंसी | हर 3 मिनट में |
कब तक शुरू होगी यह सेवा?
इस प्रोजेक्ट का कॉन्ट्रैक्ट CRRC और हसन अल्लम कंस्ट्रक्शन सऊदी (HACS) को दिया गया है। निर्माण कार्य 2026 की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद 2027 की शुरुआत में इसका ट्रायल रन किया जाएगा। आम जनता के लिए इसे पूरी तरह से 2029 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। यह सिस्टम रियाद मेट्रो से भी जुड़ा होगा, जिससे लोग आसानी से शहर के दूसरे हिस्सों से यहाँ आ सकेंगे।
पर्यावरण के लिए भी है फायदेमंद
KAFD प्रशासन का कहना है कि यह मोनोरेल ’10-मिनट सिटी’ विजन का हिस्सा है, जिसका मतलब है कि डिस्ट्रिक्ट में किसी भी जगह 10 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। इसके निर्माण में सामान्य ट्रेन सिस्टम के मुकाबले 30 से 40 प्रतिशत कम कंक्रीट का इस्तेमाल होगा, जो इसे पर्यावरण के लिए बेहतर बनाता है। सभी स्टेशन वातानुकूलित स्काईवॉक (पैदल पुल) से जुड़े होंगे ताकि लोग गर्मी में भी आराम से चल सकें।




