अमेरिका की सेना ने मिडिल ईस्ट में अपनी ताकत को बहुत बढ़ा दिया है। यूएस मिलिट्री ने पुष्टि की है कि उनका विमान वाहक पोत USS Abraham Lincoln और उसका स्ट्राइक ग्रुप अब मिडिल ईस्ट में पहुंच चुका है। यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब ईरान के साथ तनाव काफी बढ़ा हुआ है। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 26 जनवरी, 2026 को आधिकारिक तौर पर बताया कि यह जंगी बेड़ा अब इंडियन ओशन और मिडिल ईस्ट के क्षेत्र में सुरक्षा के लिए मौजूद है।
USS Abraham Lincoln कहां तैनात किया गया है?
यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, USS Abraham Lincoln (CVN-72) कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने 26 जनवरी को मिडिल ईस्ट रीजन में एंट्री ली है। यह जहाज पहले साउथ चाइना सी में तैनात था और वहां से मलाक्का स्ट्रेट होते हुए अब यूएस 5th फ्लीट के साथ जुड़ गया है। इसका मुख्य काम क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना है, खासकर ईरान के साथ चल रही तनातनी के बीच।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस तैनाती पर संतोष जताया है। उन्होंने 26 जनवरी को कहा कि ईरान के पास एक ‘बड़ा आर्माडा’ (विशाल बेड़ा) भेजा गया है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान अब बातचीत करने के लिए तैयार है और कई बार संपर्क कर चुका है। ट्रंप ने पहले ईरान में हो रहे प्रदर्शनों और क्रैकडाउन को लेकर हमले की चेतावनी भी दी थी, लेकिन अब उनका कहना है कि तेहरान डील करना चाहता है।
इस जंगी बेड़े में कौन से जहाज शामिल हैं?
यह सिर्फ एक जहाज नहीं है, बल्कि पूरा स्ट्राइक ग्रुप है जिसमें कई विनाशकारी जहाज और लड़ाकू विमान शामिल हैं। नीचे दी गई टेबल में आप इस बेड़े की ताकत देख सकते हैं:
| जहाज / यूनिट | विवरण |
|---|---|
| USS Abraham Lincoln (CVN-72) | मुख्य एयरक्राफ्ट कैरियर |
| Carrier Air Wing 9 | F/A-18E/F Super Hornets, F-35C जेट्स |
| USS Frank E. Petersen Jr. | गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर |
| USS Spruance | गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर |
| USS Michael Murphy | गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर |
क्या अब अमेरिका और ईरान में युद्ध होगा?
फिलहाल युद्ध की सीधी घोषणा नहीं हुई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि स्थिति बदल रही है और ईरान डील चाहता है। अमेरिका की मांग है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन बंद करे और प्रॉक्सी ग्रुप्स का समर्थन न करे। हालांकि, भारी भरकम मिलिट्री की मौजूदगी ने पूरे मिडिल ईस्ट में हलचल बढ़ा दी है। CENTCOM ने जहाज पर तैनात नाविकों की तस्वीरें भी जारी की हैं जो इंडियन ओशन में पेट्रोलिंग कर रहे हैं।




