पाकिस्तान के कराची शहर में गुल प्लाजा शॉपिंग सेंटर में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। यह आग 17 जनवरी, 2026 की रात को लगी थी, जिसे बुझाने में बचाव कर्मियों को लगभग 36 घंटे का समय लगा। इस हादसे में कई लोग लापता भी हुए थे।
आग कैसे लगी और कब बुझी?
कराची के सदर इलाके में स्थित गुल प्लाजा शॉपिंग सेंटर में 17 जनवरी 2026 की रात को आग लग गई थी। आग बेसमेंट से शुरू हुई थी और तेजी से पूरे शॉपिंग सेंटर में फैल गई। गार्मेंट्स और घरेलू सामान जैसे अत्यधिक ज्वलनशील वस्तुओं की मौजूदगी के कारण आग और भी विकराल हो गई थी। अग्निशमन कर्मियों को आग पर काबू पाने में करीब 36 घंटे का लंबा समय लगा।
मृतकों और लापता लोगों की जानकारी
इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 61 हो गई है। कई शवों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, जिसके लिए डीएनए विश्लेषण की जरूरत पड़ेगी। शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया था कि लगभग 73 से 84 लोग लापता थे। इनमें महिलाएं और कम से कम 16 नाबालिग लड़के शामिल थे, जिनकी उम्र 10 से 18 साल के बीच थी। ये लड़के या तो प्लाजा में काम कर रहे थे या खरीदारी करने आए थे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
यह भी सामने आया है कि बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कम से कम तीन अदालती मामले पहले से ही चल रहे थे। इन मामलों में बिल्डिंग में पर्याप्त सुरक्षा उपायों की कमी का जिक्र था। ज्वलनशील सामानों के बड़े पैमाने पर स्टोरेज ने आग को और भड़काया, जिससे नुकसान और मौतें बढ़ गईं। इस घटना ने शहर में अन्य बिल्डिंगों की सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।




