Kuwait Govt Big Update: कुवैत ने किया बड़ा ऐलान, किसी एक खाड़ी देश पर हमला सब पर हमला माना जाएगा
कुवैत के मंत्रिपरिषद ने खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है. सरकार ने साफ कहा है कि अगर किसी भी गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) देश पर हमला होता है तो इसे सभी खाड़ी देशों पर हमला माना जाएगा. यह घोषणा कुवैत पर हुए हालिया ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद की गई है. कुवैत एयरपोर्ट के पास फ्यूल टैंक में आग लगने और दो जवानों के शहीद होने के बाद सरकार ने सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है.
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कुवैत में क्या हुआ और सुरक्षा के हालात कैसे हैं
कुवैत पर पिछले 24 घंटों में कई ड्रोन और मिसाइल हमले हुए हैं. इन हमलों में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बने फ्यूल स्टोरेज टैंक को निशाना बनाया गया जिससे वहां आग लग गई. हालांकि दमकल विभाग ने जल्द ही आग पर काबू पा लिया. सीमा पर ड्यूटी कर रहे कुवैत के दो सुरक्षाकर्मी वारंट ऑफिसर अब्दुल्ला इमाद अल-शर्राह और मेजर फहद अब्दुलअजीज अल-मजमैद शहीद हो गए हैं.
हालात को देखते हुए कुवैत कैबिनेट ने सभी सरकारी एजेंसियों को अधिकतम अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है. आम लोगों और प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं. गल्फ में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकारें स्थिति को पूरी तरह कंट्रोल कर रही हैं.
तेल के दाम और आम जनजीवन पर प्रभाव
इन हमलों के बाद कुवैत की राष्ट्रीय तेल कंपनी ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कच्चे तेल के उत्पादन में एहतियाती कटौती की है. मिडिल ईस्ट में तनाव और सप्लाई चेन बिगड़ने की वजह से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है. इसका असर आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है.
कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबा ने देश की जनता और प्रवासियों को भरोसा दिलाया है. उन्होंने कहा है कि इस संकट के समय में आम जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और बाजार में किसी चीज की कमी नहीं होने दी जाएगी. सऊदी अरब, यूएई और बहरीन ने भी अपने क्षेत्र में इसी तरह के मिसाइल और ड्रोन खतरों को नाकाम किया है.
खाड़ी देशों का साझा फैसला और आगे का रास्ता
जीसीसी चार्टर और संयुक्त रक्षा समझौते के तहत सभी खाड़ी देशों ने भारी एकजुटता दिखाई है. कुवैत की कैबिनेट अब लगातार आपातकालीन बैठकें कर रही है और हर एक छोटी-बड़ी घटना पर नजर बनाए हुए है. गल्फ देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वे इन हमलों की निंदा करें और शांति बहाल करने के लिए सख्त कदम उठाएं.
जीसीसी देशों के संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे पूरे क्षेत्र में शांति चाहते हैं. लेकिन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए वे जवाब देने का कानूनी अधिकार भी रखते हैं. सभी गल्फ देश आपस में मिलकर काम कर रहे हैं ताकि हालात जल्द से जल्द सामान्य हो सकें और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.





