Kuwait में हमले का अलर्ट: सेना ने गिराए 6 ड्रोन और 2 मिसाइल, सुरक्षा के लिए बैंक बंद और तेल उत्पादन घटा
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब कुवैत पर भी दिखने लगा है। 10 मार्च 2026 को कुवैत नेशनल गार्ड (KNG) ने उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में 6 ड्रोन और 2 बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया। इसके बाद कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच फोन पर बातचीत हुई। कुवैत ने साफ किया है कि वह इस युद्ध का हिस्सा नहीं है, लेकिन अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार रखता है और आम लोगों की सुरक्षा के लिए कई जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा?
लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए कुवैत के अधिकारियों ने आम लोगों के लिए सेफ्टी गाइडलाइन जारी की है। लोगों को अलर्ट बजने पर सुरक्षित जगहों पर जाने और किसी भी मलबे को न छूने की सलाह दी गई है।
- बैंक और तेल: सुरक्षा कारणों से कुवैत के बड़े बैंकों के हेडक्वार्टर अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। वहीं, कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने कच्चे तेल का उत्पादन और रिफाइनिंग कम कर दी है।
- राशन की स्थिति: सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की सभी सहकारी समितियों में खाने-पीने का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए नागरिकों और प्रवासियों को घबराने की जरूरत नहीं है।
- शिक्षा: कुवैत एक्रिडिटेशन अथॉरिटी ने छात्रों की मदद के लिए एक नया WhatsApp नंबर भी शुरू किया है।
कुवैत और चीन के बीच क्या बातचीत हुई?
9 मार्च 2026 को कुवैत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर अहम चर्चा हुई। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने तुरंत युद्धविराम की मांग की और कहा कि बिना UN की मंजूरी के सैन्य हमले अंतरराष्ट्रीय नियमों का सीधा उल्लंघन हैं।
चीन ने इस तनाव को कम करने के लिए अपने विशेष दूत काई जून को मध्य पूर्व भेज दिया है। कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह ने भी कहा कि कुवैत युद्ध का हिस्सा नहीं है, लेकिन क्षेत्रीय युद्ध की आग का असर देश पर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत कुवैत को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। बातचीत के दौरान कुवैत ने देश में काम कर रहे चीनी नागरिकों और संस्थानों की पूरी सुरक्षा का भरोसा भी दिया है।
क्षेत्रीय अस्थिरता का दुनिया पर प्रभाव
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस अस्थिरता के कारण दुनिया भर में खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं। इसका सीधा असर गल्फ में रहने वाले प्रवासियों और आम लोगों की जेब पर पड़ने की आशंका है।
इन सब के बीच, कुवैत और चीन का बड़ा प्रोजेक्ट मुबारक अल-कबीर पोर्ट 2026 में ही शुरू होने के ट्रैक पर है। इस बंदरगाह की क्षमता सालाना 80 लाख कंटेनर संभालने की होगी, जो आने वाले समय में व्यापार के लिए काफी अहम साबित होगा। कुवैत की वायु रक्षा प्रणाली हाई अलर्ट पर है और किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है।




