Kuwait New Rules: कुवैत सरकार का बड़ा फैसला, बॉर्डर पर कस्टम और ट्रांसपोर्ट के लिए लागू किया नया TIR सिस्टम
कुवैत के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स ने देश में इंटरनेशनल TIR (Transports Internationaux Routiers) ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लागू करने के लिए एक अहम बैठक की है. 15 मार्च 2026 को कस्टम्स चीफ यूसुफ खालिद अल-नुवैफ की अध्यक्षता में यह प्रक्रिया शुरू की गई. इसका सीधा असर कुवैत से सऊदी अरब, इराक और तुर्की जाने वाले मालवाहक ट्रकों और व्यापारियों पर पड़ेगा. इस नए सिस्टम से बॉर्डर पर होने वाली लंबी चेकिंग और कस्टम क्लीयरेंस में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि यह कुवैत विजन 2035 को आगे बढ़ाने का एक मुख्य हिस्सा है.
क्या है TIR सिस्टम और कैसे करेगा काम
TIR सिस्टम के तहत अब सामान को कस्टम-सील्ड कंटेनर या ट्रकों में सुरक्षित तरीके से बॉर्डर पार भेजा जा सकेगा. इसके लिए एक इंटरनेशनल गारंटी दी जाती है जिससे टैक्स और ड्यूटी का काम बहुत आसान हो जाता है.
- इस सिस्टम के लागू होने से हर बॉर्डर पर सामान उतारकर बार-बार चेक करने की जरूरत खत्म हो जाएगी.
- लैंड कस्टम्स के डायरेक्टर यूसुफ अल-हम्मादी के अनुसार जमीनी बंदरगाहों और विशेषकर सऊदी अरब बॉर्डर पर इसका उपयोग बढ़ाया जा रहा है.
- कुवैत ऑटोमोबाइल एंड टूरिंग क्लब (KATC) इस सिस्टम के लिए गारंटी जारी करने वाली राष्ट्रीय संस्था होगी.
कस्टम ड्यूटी और नए नियमों की जानकारी
कुवैत ने 2025 से 12-डिजिट का नया टैरिफ कोड सिस्टम लागू कर दिया है. जो सामान GCC देशों के बाहर से मंगाए जाते हैं उन पर 5% की स्टैंडर्ड कस्टम ड्यूटी लगाई जाती है.
- आम जनता को राहत देने के लिए 400 से ज्यादा जरूरी खाने-पीने की चीजें और दवाइयां कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह बाहर रखी गई हैं.
- घरेलू बाजार में सप्लाई ठीक रखने के लिए सरकार ने खाने-पीने के सामान के एक्सपोर्ट पर अभी अस्थायी रोक लगा दी है. इसे बाहर भेजने के लिए मंत्री स्तर की अनुमति लेनी होगी.
यात्रियों और प्रवासियों के लिए जरूरी नियम
अगर आप कुवैत आ या जा रहे हैं तो आपको साथ ले जा रहे कैश और गहनों को लेकर भी नियम का पालन करना होगा. यह नियम सभी यात्रियों के लिए एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर समान रूप से लागू है.
कस्टम विभाग के नियम के अनुसार अगर किसी भी यात्री के पास 3,000 कुवैती दिनार से ज्यादा का कैश या गहने हैं तो उसे एयरपोर्ट या बॉर्डर पर इसकी जानकारी देनी होगी. डिक्लेरेशन की यह प्रक्रिया अनिवार्य है ताकि यात्रा में कोई कानूनी अड़चन न आए.




