अमेरिका के टॉप नेताओं ने की जांच की मांग, ईरान के स्कूल पर हमले में गई 170 बच्चों की जान
अमेरिका के टॉप डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने ईरान के मिनाब शहर में एक गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले की जांच की मांग की है। 28 फरवरी 2026 को हुए इस हमले में कम से कम 170 लोगों की जान गई थी, जिनमें ज्यादातर बच्चियां शामिल थीं। अमेरिकी नेताओं ने पेंटागन से इस घटना पर साफ जवाब देने को कहा है।
ईरान के स्कूल पर हमले की पूरी जानकारी
यह हमला 28 फरवरी 2026 को ईरान के होर्मोजगान प्रांत के मिनाब शहर में स्थित ‘शजरेह तैय्यबेह’ गर्ल्स स्कूल पर हुआ था। इस दर्दनाक घटना में भारी नुकसान हुआ।
- हमले में 170 से 175 लोगों की मौत हुई।
- मरने वालों में सबसे ज्यादा 7 से 12 साल की बच्चियां थीं।
- करीब 95 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
- स्कूल की प्रिंसिपल और बच्चों को लेने आए कई माता-पिता भी इस हमले का शिकार हुए।
रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में अमेरिका की टॉमहॉक क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था। अल जजीरा की जांच में सामने आया है कि यह स्कूल पास के मिलिट्री बेस से पिछले 10 सालों से अलग था।
अमेरिकी सीनेटरों की जांच की मांग
अमेरिका के वरिष्ठ सीनेटर जैक रीड, जीन शाहीन और मार्क वार्नर सहित कई नेताओं ने पेंटागन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूली बच्चों की मौत किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगसेथ से अमेरिकी जनता और कांग्रेस को जवाब देने को कहा है।
दूसरी तरफ पेंटागन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। लीक हुई कुछ अमेरिकी रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पुरानी और गलत खुफिया जानकारी की वजह से स्कूल को मिलिट्री बेस का हिस्सा समझ लिया गया था। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है।




