Kuwait पर ईरान का बड़ा हमला, सेना ने हवा में मार गिराए 28 ड्रोन, इंफ्रास्ट्रक्चर को पहुंचा नुकसान.
Kuwait में सुरक्षा स्थिति को लेकर बड़ी खबर आई है। Kuwait Armed Forces ने बुधवार को देश को निशाना बनाने वाले 28 ड्रोनों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है। यह हमला सुबह 8 बजे के आसपास शुरू हुआ और पूरे दिन हमलों का सिलसिला जारी रहा। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह अब तक के सबसे तीव्र हमलों में से एक था। हालांकि सेना ने अधिकतर ड्रोनों को रोक लिया, लेकिन कुछ बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचने की खबर मिली है।
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पिछले एक हफ्ते में हुए हमलों की पूरी जानकारी
Kuwait पिछले कई दिनों से लगातार हवाई हमलों का सामना कर रहा है। इन हमलों में ड्रोन के साथ-साथ बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया गया है। इसका विवरण नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं।
| तारीख | हमले का प्रकार | प्रभाव और नुकसान |
|---|---|---|
| 3 अप्रैल 2026 | 7 मिसाइल, 26 ड्रोन | Mina Al-Ahmadi रिफाइनरी में आग लगी और पावर प्लांट को नुकसान पहुंचा। |
| 5 अप्रैल 2026 | ईरानी ड्रोन हमला | Kuwait City में एक सरकारी इमारत को भारी नुकसान हुआ। |
| 6 अप्रैल 2026 | ड्रोन और प्रोजेक्टाइल | Ali Al Salem Air Base पर 15 US service members घायल हुए और 6 नागरिक भी चोटिल हुए। |
| 7 अप्रैल 2026 | 14 मिसाइल, 46 ड्रोन | Air defense सिस्टम ने इन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया। |
| 8 अप्रैल 2026 | 28 ड्रोन | बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। |
Kuwait में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों के लिए निर्देश
Ministry of Defense के प्रवक्ता Colonel Staff Saud Al-Atwan ने जनता से अपील की है कि वे सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जारी किए गए सभी निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि लोग प्रभावित इलाकों या मलबे वाली जगहों की फोटोग्राफी या वीडियो न बनाएं। सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाली खबरों को शेयर करने से बचने की सलाह दी गई है। सेना की इंजीनियरिंग कोर (EOD unit) फिलहाल गिरे हुए मलबे और खतरनाक वस्तुओं को हटाने के काम में जुटी हुई है।
इन हमलों का सीधा असर कुवैत में रह रहे भारतीय प्रवासियों और अन्य विदेशी कामगारों पर भी पड़ रहा है। रिफाइनरी और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाए जाने से जरूरी सेवाओं पर असर पड़ा है। अधिकारियों ने सभी को सतर्क रहने और सायरन बजने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। ईरान की सेना ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए इन्हें जवाबी कार्रवाई बताया है।




