Kuwait पर Iran का बड़ा हमला, एयरपोर्ट पर लगी आग और 2 अधिकारियों की मौत
कुवैत में 8 मार्च 2026 की सुबह एक गंभीर सैन्य घटना हुई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत के अल-अदीरी एयरबेस पर कई मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले का मुख्य निशाना वहां मौजूद अमेरिकी मेंटेनेंस फैसिलिटी और फ्यूल टैंक थे। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई हमलों को नाकाम किया है, लेकिन कुछ जगहों पर भारी नुकसान की खबर सामने आई है।
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हमले में कहां-कहां नुकसान हुआ है?
ईरान द्वारा किए गए इस हमले में कुवैत के कई अहम ठिकानों पर असर पड़ा है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दो फ्यूल डिपो पर ड्रोन गिरने से भीषण आग लग गई। इस आग को बुझाते समय कुवैत फायर फोर्स के दो अधिकारियों की जान चली गई जो बेहद दुखद खबर है। इसके अलावा, पब्लिक इंस्टीट्यूशन फॉर सोशल सिक्योरिटी की मुख्य इमारत पर भी हमला हुआ है, जिसके कारण वहां कामकाज अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कुवैत की सेना ने बताया कि उन्होंने हवा में ही तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया।
आम लोगों और उड़ानों पर इसका क्या असर है?
इस हमले के बाद कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने तेल उत्पादन में एहतियातन कमी करने का फैसला किया है। सुरक्षा को देखते हुए अमेरिका ने अपनी एम्बेसी में कामकाज पहले ही रोक दिया था। हालांकि, भारत की एयरलाइन IndiGo ने 8 मार्च से अपनी आठ मिडिल ईस्ट उड़ानों को फिर से शुरू करने का ऐलान किया है जो यात्रियों के लिए थोड़ी राहत की बात है। पब्लिक इंस्टीट्यूशन फॉर सोशल सिक्योरिटी ने साफ किया है कि रविवार को उनके हेड ऑफिस में किसी भी विजिटर को आने की अनुमति नहीं होगी और सारे काम ऑनलाइन निपटाए जाएंगे।
सरकारों का इस पर क्या कहना है?
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले को देश के अहम ढांचे पर सीधा वार बताया है। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है, लेकिन वह हमलों का जवाब देने के लिए मजबूर है। यह हमला ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस’ का हिस्सा बताया जा रहा है। फिलहाल कुवैत में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा बल पूरी तरह से अलर्ट पर हैं।





