Kuwait में मिसाइल या सुरक्षा बलों का वीडियो बनाया तो होगी जेल, मंत्रालय ने जारी किया सख्त आदेश
कुवैत में रह रहे सभी प्रवासियों और नागरिकों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है। Ministry of Interior (MoI) ने साफ शब्दों में कहा है कि देश में किसी भी तरह की सुरक्षा घटना या मिसाइल हमलों का वीडियो न बनाएं। 28 फरवरी को हुए हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मंत्रालय ने कहा है कि लोग अपने मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने के बजाय सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, वरना उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
वीडियो बनाने और अफवाह फैलाने से बचें
मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की मिसाइल इंटरसेप्शन या एयर डिफेंस के काम का वीडियो अपने मोबाइल से रिकॉर्ड न करें। अक्सर लोग उत्साह में आकर सुरक्षा में तैनात जवानों या मिलिट्री ऑपरेशन की फोटो लेने लगते हैं, जिसे अब पूरी तरह मना कर दिया गया है।
इसके साथ ही, जमीन पर गिरे हुए किसी भी मलबे या टुकड़ों को छूने की कोशिश न करें। यह खतरनाक हो सकता है। अगर आपको सड़क या घर के पास कोई संदिग्ध चीज दिखे, तो उसके पास जाने के बजाय तुरंत इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल करें। अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है।
नियम तोड़ने पर हो सकती है भारी सजा
कुवैत के Cybercrime Law और राज्य सुरक्षा कानूनों के तहत, सैन्य गतिविधियों का वीडियो बनाना या उसे सोशल मीडिया पर शेयर करना एक गंभीर अपराध माना गया है। ऐसा करने वाले लोगों को भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है और जेल की सजा भी हो सकती है।
प्रवासियों को विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए कि वे सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के कोई खबर या वीडियो न फैलाएं। गलत जानकारी फैलाने पर भी सख्त एक्शन लिया जाएगा। सही जानकारी के लिए केवल सरकारी चैनलों जैसे KUNA या MoI के आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें।
हवाई क्षेत्र हुआ था बंद, उड़ानों पर असर
सुरक्षा कारणों को देखते हुए Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने कुछ समय के लिए कुवैत के एयरस्पेस को सभी उड़ानों के लिए बंद कर दिया था। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ा है और कई फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं।
जो लोग कुवैत से यात्रा करने वाले हैं या कुवैत आ रहे हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइंस से फ्लाइट के समय की जानकारी जरूर ले लें। Ali Al-Salem Air Base को निशाना बनाने की कोशिश के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और लोगों की सुरक्षा के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं।




