कुवैत के बुनियादी ढांचे पर हमला, तेल और बिजली संयंत्रों को पहुंचा भारी नुकसान, 776 मामले आए सामने
कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने पिछले 24 घंटों के दौरान हुए हमलों में देश के बुनियादी ढांचे को पहुंचे बड़े नुकसान की जानकारी दी है। इन हमलों की वजह से बिजली उत्पादन इकाइयों, पानी के प्लांट, ईंधन टैंक और तेल सुविधाओं को काफी नुकसान हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक इन घटनाओं के बाद कई जगहों पर आग लग गई और अब तक कुल 776 घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज की गई है। कुवैत में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और अन्य लोगों के लिए यह खबर चिंताजनक है क्योंकि बुनियादी ढांचे पर असर पड़ने से रोजमर्रा की सेवाओं में दिक्कत आ सकती है।
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किन जगहों को बनाया गया निशाना?
मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार संदिग्ध ड्रोनों ने कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से जुड़ी महत्वपूर्ण जगहों को निशाना बनाया। इन हमलों के कारण तेल रिफाइनरियों और बिजली केंद्रों में काफी टूट-फूट हुई है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और प्रभावित इलाकों में मरम्मत का काम शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि शत्रुतापूर्ण ड्रोनों ने जानबूझकर उन जगहों को चुना जिससे देश की मुख्य ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़े।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई और नुकसान का विवरण
विस्फोटक निपटान टीमों ने रक्षात्मक कार्रवाई के दौरान गिरे मलबे की 18 अतिरिक्त रिपोर्टों पर काम किया है। कुवैत में काम करने वाले भारतीयों के लिए यह जानना जरूरी है कि सुरक्षा बल पूरी तरह तैनात हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। घटना से जुड़े मुख्य आंकड़े नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:
| विवरण | रिपोर्ट की गई जानकारी |
|---|---|
| कुल इंसिडेंट रिपोर्ट | 776 |
| प्रभावित क्षेत्र | तेल, बिजली और पानी के प्लांट |
| नुकसान का कारण | ड्रोन और मिसाइल हमले |
| सुरक्षा कार्रवाई | मलबे के 18 अतिरिक्त मामले निपटाए गए |
कुवैत में रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें और प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें। बिजली और पानी की बचत करें क्योंकि इन संयंत्रों को ठीक करने में समय लग सकता है। मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं।




