Kuwait National Guard ने मार गिराए 6 दुश्मन ड्रोन, एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक में लगी आग, प्रवासियों के लिए सुरक्षा अलर्ट
कुवैत में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 ड्रोनों को मार गिराया है। यह घटना बुधवार सुबह की है जब नेशनल गार्ड ने अपनी सुरक्षा में आने वाले इलाकों में इन ड्रोनों को ट्रैक किया और उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया। इस हमले की वजह से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक में आग लग गई थी, जिसे इमरजेंसी क्रू ने समय रहते बुझा लिया। यह घटना कुवैत में रह रहे प्रवासियों और बार-बार यात्रा करने वाले लोगों के लिए चिंता का विषय है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में एयरपोर्ट को कई बार निशाना बनाने की कोशिश की गई है।
कुवैत नेशनल गार्ड और सेना ने क्या कदम उठाए हैं?
नेशनल गार्ड के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल डॉ. जदान फादेल ने बताया कि सुरक्षा बलों ने कुल 6 ड्रोनों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है। इसमें एक बड़ा ड्रोन और पांच छोटे मानव रहित विमान (UAVs) शामिल थे। कुवैती सेना की एयर डिफेंस यूनिट अब पूरी तरह अलर्ट पर है और किसी भी बाहरी खतरे का जवाब देने के लिए तैयार है। सेना ने साफ किया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सुनाई देने वाले धमाकों की आवाज इंटरसेप्शन ऑपरेशंस की वजह से थी। अधिकारियों ने आम लोगों और विदेशी नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
एयरपोर्ट पर हमले से क्या नुकसान हुआ है?
नागरिक उड्डयन निदेशालय (PACA) के प्रवक्ता अब्दुल्ला अल-रजी ने बताया कि ड्रोनों ने एयरपोर्ट के फ्यूल स्टोरेज डिपो को निशाना बनाया था। हमले के बाद लगी आग पर तुरंत काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। नुकसान काफी सीमित बताया जा रहा है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल ड्रोन गिराए गए | 6 (1 ड्रोन, 5 UAVs) |
| हमले की जगह | कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अन्य साइट्स |
| नुकसान की रिपोर्ट | सीमित (फ्यूल टैंक में आग) |
| हताहतों की संख्या | शून्य |
| हमले की जिम्मेदारी | ईरानी मीडिया और IRGC ने दावा किया |
कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले उड़ानों की स्थिति चेक कर लें। हालांकि एयरपोर्ट पर कामकाज सामान्य है, लेकिन सुरक्षा जांच बढ़ाई जा सकती है। अधिकारियों ने इसे नागरिक ठिकानों पर किया गया हमला बताया है। यह स्थिति पिछले कुछ हफ्तों से क्षेत्र में चल रहे तनाव की वजह से बनी हुई है।




