Kuwait PM का हवाई अड्डे का दौरा, सुरक्षा स्थिति और उड़ानों पर आया बड़ा अपडेट
कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह ने सिविल एविएशन विभाग का दौरा किया है। क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री ने हवाई अड्डे की आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की। वर्तमान में कुवैत का हवाई क्षेत्र व्यावसायिक उड़ानों के लिए पूरी तरह बंद है और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह का समझौता न करने के निर्देश दिए हैं।
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हवाई अड्डे की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे का हाल
प्रधानमंत्री का यह दौरा हाल ही में हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों के बाद नुकसान का आकलन करने के लिए था। 8 मार्च को हवाई अड्डे के फ्यूल टैंकों को निशाना बनाया गया था, जिसकी मरम्मत का काम अभी जारी है। प्रधानमंत्री ने टर्मिनल 1 और ईंधन डिपो के मरम्मत कार्य को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के तहत जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है। कुवैत रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि पिछले 24 घंटों में हवाई अड्डे के आसपास कई मिसाइलों और ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया गया है।
यात्रियों और प्रवासियों के लिए जरूरी जानकारी
कुवैत में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए उड़ानों से जुड़ा बड़ा अपडेट जारी हुआ है। सुरक्षा कारणों से कुवैत एयरवेज और जजीरा एयरवेज की सभी कमर्शियल उड़ानें फिलहाल स्थगित रखी गई हैं। सरकार हर 12 घंटे में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा कर रही है और उसी के आधार पर एयरस्पेस खोलने का फैसला लिया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
- टिकट रिफंड: 28 फरवरी से 10 मार्च 2026 के बीच जिन यात्रियों की बुकिंग थी, वे पूरा रिफंड ले सकते हैं।
- फ्री डेट चेंज: यात्री अपनी पुरानी टिकट को 14 दिनों के भीतर की किसी भी तारीख के लिए मुफ्त में बदल सकते हैं।
- टर्मिनल स्टेटस: सुरक्षा के लिहाज से पैसेंजर टर्मिनल T1, T4 और T5 को पूरी तरह खाली करा लिया गया है।
- आधिकारिक स्रोत: प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे उड़ानों से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सूत्रों पर ही भरोसा करें।
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने भी एहतियात के तौर पर तेल उत्पादन में कटौती की है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने हवाई अड्डे पर हुए पिछले हमलों में घायल हुए कर्मचारियों के स्थिर होने की पुष्टि की है। विदेशी दूतावासों ने अभी भी अपने गैर-जरूरी कर्मियों को देश छोड़ने की सलाह दी हुई है।




