Kuwait-Iran News: कुवैत ने ईरान के राजदूत को किया तलब, जॉर्डन ने दिया पूरा साथ
कुवैत और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। कुवैत ने अपनी सीमा और सुरक्षा पर बढ़ते खतरों को देखते हुए ईरान के राजदूत Mohammad Toutounchi को तलब किया है। इस मुश्किल समय में जॉर्डन ने कुवैत का खुलकर साथ देने का वादा किया है। कुवैती Air Defense ने हाल ही में मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया है, जिसके बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने बातचीत कर अपनी एकजुटता दिखाई है।
कुवैत ने क्यों उठाया यह सख्त कदम?
कुवैत सरकार ने अपनी संप्रभुता के उल्लंघन पर गहरी नाराजगी जताई है। पिछले 24 घंटों के दौरान कुवैती एयर डिफेंस ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों और एक दुश्मन ड्रोन को आसमान में ही तबाह कर दिया। इसी वजह से ईरानी राजदूत को बुलाकर कड़ा विरोध पत्र सौंपा गया। कुवैत ने साफ किया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के Article 51 के तहत आत्मरक्षा का अधिकार रखता है और किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है।
सुरक्षा और तेल उत्पादन पर क्या असर होगा?
कुवैत और जॉर्डन ने मिलकर एलान किया है कि क्षेत्र के किसी भी देश पर हमला पूरे अरब जगत की सुरक्षा के खिलाफ माना जाएगा। इस तनाव का असर बिजनेस पर भी पड़ा है। कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (KPC) ने सावधानी बरतते हुए कच्चे तेल के उत्पादन और रिफाइनिंग में थोड़ी कटौती की है। यह फैसला समुद्री रास्तों में सुरक्षा के खतरों को देखते हुए लिया गया है।
- कुवैत ने ईरान के राजदूत को दूसरी बार तलब किया है।
- कुवैती सेना ने दो मिसाइलें और एक ड्रोन मार गिराया।
- जॉर्डन के विदेश मंत्री Ayman Safadi ने कुवैत को पूरा समर्थन दिया है।
- तेल उत्पादन में रिस्क मैनेजमेंट के तहत कमी की गई है।
- स्थानीय बाजार में तेल और गैस की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है।
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि सुरक्षा हालातों का असर आने-जाने और काम-काज पर पड़ सकता है। फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।




