Kuwait Economy News: हार्वर्ड की रिपोर्ट में कुवैत का डंका, दुनिया के सबसे अमीर देशों में 30वें नंबर पर आया नाम
कुवैत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) की एक ताजा स्टडी में कुवैत को दुनिया के सबसे अमीर देशों की लिस्ट में 30वें नंबर पर रखा गया है। इस रिपोर्ट में दुनिया भर के 145 देशों की अर्थव्यवस्था का आकलन किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत की प्रति व्यक्ति आय (GDP per capita) काफी मजबूत स्थिति में है, जो वहां रह रहे नागरिकों और कामगारों के लिए एक अच्छी खबर है।
कितनी है कुवैत की कमाई और क्या कहती है रिपोर्ट?
हार्वर्ड के ग्रोथ लैब (Growth Lab) के आंकड़ों के अनुसार, कुवैत की जीडीपी प्रति व्यक्ति 31,971 डॉलर आंकी गई है। अगर इसे महंगाई और खर्च करने की क्षमता यानी ‘परचेजिंग पावर पैरिटी’ (PPP) के हिसाब से देखें, तो यह आंकड़ा बढ़कर 51,322 डॉलर हो जाता है। इसका मतलब है कि वहां का जीवन स्तर और लोगों की खर्च करने की ताकत दुनिया के कई बड़े देशों के मुकाबले काफी बेहतर है।
इसके साथ ही एक और अच्छी खबर यह है कि ग्लोबल रेटिंग एजेंसी S&P ने भी कुवैत की क्रेडिट रेटिंग को बेहतर करते हुए AA- कर दिया है। एजेंसी का मानना है कि कुवैत के पास मजबूत सरकारी संपत्ति है और वहां आर्थिक सुधारों की रफ़्तार तेज हुई है। देश का निर्यात 2024 में लगभग 61.9 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया है, हालांकि पिछले कुछ सालों में तेल के दाम में उतार-चढ़ाव का थोड़ा असर जरूर दिखा है।
बजट और बैंकिंग सेक्टर में आने वाला है बड़ा उछाल
कुवैत सरकार अब अपने खजाने का मुंह खोलने वाली है, जिससे बाजार में रौनक बढ़ेगी। आर्थिक सलाहकारों के मुताबिक, साल 2026-27 के बजट में सरकार पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) को बढ़ाने जा रही है। यह खर्च पहले 2.24 बिलियन दिनार था, जिसे अब बढ़ाकर 3 बिलियन दिनार से ज्यादा करने की तैयारी है। जब सरकार ज्यादा पैसा खर्च करती है, तो उससे बैंकिंग सेक्टर को सीधा फायदा होता है और रोजगार के नए मौके बनते हैं।
कुवैत अब सिर्फ तेल पर निर्भर नहीं रहना चाहता। ‘कुवैत विजन 2035’ के तहत सरकार अब प्राइवेट कंपनियों और दूसरे बिजनेस को बढ़ावा दे रही है। हाल ही में वीजा नियमों में किए गए बदलाव और सभी देशों के लिए वीजा खोलना भी इसी रणनीति का हिस्सा है, ताकि बाहर से लोग आएं और कुवैत की अर्थव्यवस्था को और गति मिल सके।




