Kuwait News: संयुक्त राष्ट्र ने ईरान के हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की, कुवैत ने प्रस्ताव का किया स्वागत
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने ईरान द्वारा खाड़ी देशों (GCC) और Jordan पर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। कुवैत ने इस अंतरराष्ट्रीय प्रस्ताव का आधिकारिक तौर पर स्वागत किया है और इसे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है। 25 मार्च 2026 को सर्वसम्मति से पारित इस प्रस्ताव को दुनिया के 100 से अधिक देशों का समर्थन मिला है। इसमें ईरान से तुरंत हमले रोकने और प्रभावित देशों को हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की गई है।
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संयुक्त राष्ट्र के इस प्रस्ताव में मुख्य बातें क्या हैं?
इस प्रस्ताव में ईरान के हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बताया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि खाड़ी देशों के पास अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। प्रस्ताव में विशेष रूप से नागरिक ठिकानों जैसे हवाई अड्डों, ऊर्जा केंद्रों और रिहायशी इलाकों पर हुए हमलों की आलोचना की गई है। ईरान से कहा गया है कि वह बिना किसी शर्त के सभी धमकियां और उकसावे वाली कार्रवाई तुरंत बंद करे। यह फैसला समुद्री रास्तों, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने पर भी जोर देता है।
कुवैत और अन्य खाड़ी देशों पर हुए हमलों का विवरण
पिछले कुछ हफ्तों में कुवैत सहित कई पड़ोसी देशों को हमलों का सामना करना पड़ा है। इन घटनाओं से जुड़ी जानकारी और प्रभावित क्षेत्रों का विवरण नीचे दिया गया है:
| प्रभावित स्थान | हमले का विवरण |
|---|---|
| Kuwait International Airport | हवाई अड्डे के ईंधन टैंकों को निशाना बनाया गया |
| US Embassy, Kuwait | दूतावास की इमारत पर हमले की कोशिश हुई |
| बुनियादी ढांचा | पानी के प्लांट और ऊर्जा केंद्रों को नुकसान पहुंचा |
| लक्षित देश | UAE, सऊदी अरब, बहरीन, कतर, ओमान और जॉर्डन |
कुवैत के राजदूत Nasir Al-Hayen ने कहा कि यह प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा समझ को जाहिर करता है। सऊदी अरब और यूएई ने भी इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है। कुवैत सरकार ने पहले ही इन हमलों के संबंध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को जानकारी दे दी थी। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करवाना है।




