ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian का बड़ा बयान, कहा अपनी सरहद की रक्षा के लिए हर कदम उठाएंगे
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। IRNA News Agency की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए पूरी तरह से तैयार और दृढ़ है। यह बयान फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ हुई चर्चा और हालिया सैन्य हमलों के बीच आया है, जिसमें ईरान ने अपनी सुरक्षा चिंताओं को प्रमुखता से रखा है।
ईरान और फ्रांस के राष्ट्रपतियों के बीच क्या बातचीत हुई?
25 मार्च 2026 को राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई। इस दौरान ईरान ने स्पष्ट किया कि वह अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई की निंदा करें। ईरान ने आरोप लगाया है कि पिछले नौ महीनों में उस पर दो बार सैन्य हमले किए गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
- ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर पड़ोसी देशों की सुविधाओं का इस्तेमाल कर हमला करने का आरोप लगाया।
- ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चीन के विदेश मंत्री Wang Yi से भी आत्मरक्षा के अधिकार पर बात की है।
- French President Emmanuel Macron ने ईरान पर हुए हालिया हमलों की निंदा की और शांति बहाली के लिए कूटनीतिक कोशिशों की बात कही।
- ईरानी संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की बढ़ती तैनाती उनके लिए खतरनाक हो सकती है।
हमलों और नुकसान से जुड़ी अहम जानकारी
Iranian Red Crescent Society (IRCS) ने हमलों के बाद की स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, नागरिक ठिकानों को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया गया है। ईरान का दावा है कि उनके Bushehr स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर भी बार-बार हवाई हमले किए गए हैं। इस बीच पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत की खबरें भी सामने आ रही हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| निशाना बने नागरिक ठिकाने | 85,000 से अधिक (स्कूल, अस्पताल और ऐतिहासिक स्मारक) |
| गिराए गए बमों की संख्या | फरवरी के अंत से अब तक लगभग 15,000 बम |
| अमेरिकी रुख | Pete Hegseth ने इसे बमों के जरिए बातचीत करना बताया |
| ईरान का सोशल मीडिया पोस्ट | क्षेत्रीय स्थिरता के लिए राष्ट्रों की इच्छा का सम्मान जरूरी |




