Lebanon Crisis Update: संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान के हालात पर दी बड़ी चेतावनी, कहा गाजा जैसा हो सकता है दक्षिण लेबनान का हाल
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के प्रमुख Tom Fletcher ने बेरूत से सुरक्षा परिषद को जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि लेबनान में इस समय डर और तनाव का माहौल है जो पिछले कई सालों में नहीं देखा गया। टॉम फ्लेचर ने 31 मार्च 2026 को हुई इस ब्रीफिंग में लेबनान की गंभीर स्थिति और वहां के लोगों की परेशानियों के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने सुरक्षा परिषद को आगाह किया कि स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
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लेबनान में क्या हैं ताज़ा हालात और नुकसान?
फ्लेचर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पिछले चार हफ़्तों में लेबनान में हिंसा बहुत बढ़ गई है। इस दौरान करीब 1,240 लोगों की जान जा चुकी है जिनमें 87 महिलाएं और 124 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 3,500 लोग घायल हुए हैं। बेरूत के बाहरी इलाकों में धमाकों की आवाजें साफ सुनी जा सकती हैं और आसमान में हर समय ड्रोन मंडराते रहते हैं। आम जनता के बीच इस समय बहुत अधिक बेचैनी और हताशा देखी जा रही है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में और क्या चेतावनियां दी गईं?
टॉम फ्लेचर ने चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा हालात नहीं सुधरे तो दक्षिण लेबनान भी मिडिल ईस्ट में एक और कब्जे वाला क्षेत्र बन सकता है। उन्होंने इसकी तुलना गाजा के हालातों से की है। उन्होंने सुरक्षा परिषद से सीधे तौर पर सवाल पूछा कि वे आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए मिलकर क्या तैयारी कर रहे हैं। इस संकट के दौरान हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के तीन शांतिदूतों की भी मौत हुई है। उन्होंने बताया कि दक्षिण लेबनान, बेरूत के उपनगरों और बेका के हिस्सों में लड़ाई जारी है जिससे लाखों लोग खतरे में हैं।
लेबनान संकट से जुड़े मुख्य आंकड़े
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल मौतें (पिछले 4 हफ्ते) | 1,240 से ज्यादा |
| घायलों की संख्या | लगभग 3,500 |
| मारे गए बच्चे और महिलाएं | 124 बच्चे और 87 महिलाएं |
| UN शांतिदूतों की मौत | 3 कर्मचारी |
| प्रभावित मुख्य इलाके | दक्षिण लेबनान, बेरूत (Dahiyeh) और बेका |
टॉम फ्लेचर ने अपनी यात्रा के दौरान लेबनान के राष्ट्रपति Aoun और प्रधानमंत्री Nawaf Salam से भी मुलाकात की है। वे आने वाले समय में स्पीकर Berri से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्लू लाइन के दोनों तरफ के हालात पर परिषद को तुरंत ध्यान देने की जरूरत है ताकि स्थिति को और ज्यादा बिगड़ने से रोका जा सके।




