Lebanon Crisis: इजरायली हमले के डर से 80 हज़ार सीरियाई नागरिकों ने छोड़ा लेबनान, बॉर्डर पर भारी भीड़
2 मार्च 2026 से लेबनान में शुरू हुए इजरायली हमलों के बाद हालात काफी खराब हो गए हैं. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तक 80,000 से अधिक सीरियाई नागरिक लेबनान छोड़कर वापस सीरिया जा चुके हैं. हमले से बचने के लिए लोग लगातार अपना घर छोड़ रहे हैं और सुरक्षित जगहों की तलाश कर रहे हैं. बॉर्डर पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है.
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लेबनान में कितने लोग हुए बेघर और बॉर्डर के क्या हैं हालात
लेबनान के अंदर स्थिति लगातार बिगड़ रही है. अब तक करीब 7 लाख लोग अपना घर छोड़ चुके हैं, जिनमें 2 लाख बच्चे भी शामिल हैं. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 8 मार्च तक 394 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,160 लोग घायल हुए हैं. इस संघर्ष का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है.
सीरिया और लेबनान के बॉर्डर पर नियम बदल दिए गए हैं. Jdeidet Yabous बॉर्डर को लेबनान जाने वालों के लिए 4 मार्च को बंद कर दिया गया था, लेकिन लेबनान से सीरिया आने वाले शरणार्थियों के लिए यह रास्ता खुला रखा गया है. जो लोग बिना कागजात के आ रहे हैं, उन्हें सीरियाई अधिकारी एंट्री दे रहे हैं और UNHCR उनके डॉक्यूमेंट बनाने में मदद कर रहा है. बॉर्डर पर लोगों को पानी, कंबल और जरूरी सामान दिया जा रहा है.
हालिया हमले और सरकारों का क्या है कहना
इजरायली सेना लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में लगातार जमीनी और हवाई हमले कर रही है. बेरूत में हिजबुल्लाह से जुड़े Al-Qard al-Hassan के ठिकानों को निशाना बनाया गया है. वहीं 10 मार्च को हिजबुल्लाह ने लेबनान से सीरिया के Serghaya इलाके में भी गोले दागे. इसके बाद सीरियाई सेना ने बयान जारी कर चेतावनी दी है कि वह सीरिया पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगी.
इस बीच लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने 1 मार्च को हिजबुल्लाह की सैन्य गतिविधियों को अवैध बताया था. UNHCR की प्रवक्ता Celine Schmitt ने 80 हजार लोगों के सीरिया लौटने की पुष्टि की है और बेघर लोगों के लिए तुरंत फंड की मांग की है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अब तक 3 लाख 30 हजार से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं.





