Hormuz Strait Crisis: भारत में LPG सिलेंडर की किल्लत, इन बड़े प्लांटों में काम बंद होने से मची खलबली
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में खलबली मचा दी है। इसका सबसे बड़ा असर एलपीजी (LPG) की सप्लाई चेन पर पड़ा है, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आए व्यवधान ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। भारत अपनी रसोई गैस की जरूरत का एक बहुत बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट के देशों से आयात करता है, जो अब सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है।
किन प्रमुख जगहों पर रुका LPG उत्पादन और लोडिंग?
युद्ध की स्थिति और हमलों के कारण दुनिया के कई बड़े गैस उत्पादन केंद्रों पर काम प्रभावित हुआ है। इससे न केवल उत्पादन कम हुआ है, बल्कि सप्लाई के रास्तों पर भी खतरा मंडरा रहा है। इसकी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
- सऊदी अरब: सऊदी अरामको ने अपनी रास तनूरा रिफाइनरी में परिचालन रोक दिया है और जुयामा एनजीएल सुविधा से होने वाली लोडिंग पर फोर्स मेज्योर (अपरिहार्य स्थिति) लागू कर दी है।
- कतर: 19 मार्च 2026 को कतर के रास लफान (Ras Laffan) गैस प्लांट पर हमला हुआ, जिससे भारी नुकसान पहुंचा और उत्पादन पूरी तरह बंद हो गया।
- अमेरिका: तारगा रिसोर्सेज (Targa Resources) ने भी अपने गैलेना पार्क टर्मिनल से लोडिंग पर रोक लगा दी है, जिससे वैश्विक बाजार में गैस की उपलब्धता और कम हो गई है।
भारत सरकार के सख्त कदम और घरेलू स्थिति
भारत सरकार ने घरेलू स्तर पर गैस की कमी को रोकने और आम जनता को राहत देने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल कंपनियां लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं। वर्तमान स्थिति और सरकारी कदम कुछ इस प्रकार हैं:
| विशेष विवरण | ताजा अपडेट |
|---|---|
| आवश्यक वस्तु अधिनियम | 10 मार्च से लागू किया गया ताकि कालाबाजारी रोकी जा सके। |
| LPG स्टॉक की स्थिति | विशेषज्ञों के अनुसार भारत के पास केवल 20-23 दिनों का सुरक्षित भंडार बचा है। |
| खपत में गिरावट | मार्च के पहले पखवाड़े में एलपीजी की खपत में 17.7% की कमी आई है। |
| फंसे हुए टैंकर | होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत के 6 एलपीजी टैंकर फंसे हैं, जिनके लिए बातचीत जारी है। |
सरकार ने रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ एलपीजी उत्पादन करें और इसे अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पादों के लिए इस्तेमाल न करें। फिलहाल घरों में उपयोग होने वाली रसोई गैस को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि वाणिज्यिक उपयोग (होटल और रेस्टोरेंट) के लिए वितरण में कटौती के संकेत मिले हैं।




