विदेश मंत्रालय (MEA) ने पश्चिम एशिया (West Asia) के मौजूदा हालात और वहां से भारतीय नागरिकों की वापसी को लेकर नई जानकारी साझा की है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 28 फरवरी से अब तक करीब 2,80,000 भारतीय नागरिक वतन वापस लौट चुके हैं। विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (Gulf) असीम महाजन ने बताया कि कुछ देशों में पैदा हुई रुकावटों के बावजूद अब फ्लाइट्स की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। सरकार वहां फंसे हर नागरिक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

खाड़ी देशों से उड़ानों की क्या है ताजा स्थिति?

विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और खाड़ी देशों के बीच हवाई सेवाओं को फिर से सामान्य करने की कोशिशें जारी हैं। 18 मार्च को UAE और भारत के बीच लगभग 75 फ्लाइट्स चली थीं, जबकि 19 मार्च को यह संख्या बढ़कर 90 होने की उम्मीद जताई गई है। यह दिखाता है कि यात्रा की स्थिति अब पहले से बेहतर हो रही है।

  • Oman and Saudi Arabia: इन देशों से भारत के लिए उड़ानें लगातार जारी हैं।
  • Qatar: कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है और कतर एयरवेज ने 19 मार्च को भारत के लिए 9 स्पेशल फ्लाइट्स संचालित की हैं।
  • Kuwait: कुवैत का एयरस्पेस 28 फरवरी से बंद चल रहा है, जिससे वहां के यात्रियों को परेशानी हो रही है।
  • Iran: ईरान में फंसे करीब 650 भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला गया है।

मुश्किल में फंसे भारतीयों के लिए क्या कदम उठाए गए?

भारतीय मिशन और दूतावास चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं ताकि वहां मौजूद नागरिकों को हर संभव मदद मिल सके। बहरीन और कुवैत जैसे देशों में फंसे भारतीयों को वीज़ा एक्सटेंशन और ट्रांजिट वीज़ा दिलाने में मदद की जा रही है ताकि वे सऊदी अरब के रास्ते भारत आ सकें।

मामला विवरण और संख्या
कुल वापसी 28 फरवरी से अब तक 2,80,000 लोग वापस आए
हताहत संघर्ष के दौरान 5 भारतीय नागरिकों की जान गई
लापता 1 भारतीय नागरिक अभी भी लापता है
क्रू मेंबर्स इराक के बसरा से 15 भारतीय क्रू मेंबर्स सुरक्षित निकाले गए
तीर्थयात्री ईरान से 284 तीर्थयात्री आर्मेनिया पहुंचे, जिनमें से 130 दिल्ली आएंगे

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है जिनमें दावा किया गया था कि ईरान ने Strait of Hormuz से सुरक्षित रास्ते के बदले भारत से पकड़े गए जहाजों की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है और वे जहाज ईरान के नहीं थे।