Middle East Flight Update: खाड़ी देशों में विमान सेवा ठप, 60 लाख यात्रियों का सफर हुआ खराब, कुवैत के लिए बदले नियम
मिडिल ईस्ट में चल रहे सैन्य तनाव की वजह से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले दो हफ्तों के दौरान करीब 60 लाख से ज्यादा यात्री उड़ानों के रद्द होने से प्रभावित हुए हैं। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र के हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। कुवैत और आसपास के देशों में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों के लिए अब सफर करना काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
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विमान सेवाओं पर असर और यात्रियों का डेटा
विमानन क्षेत्र की डेटा फर्म Cirium के आंकड़ों के मुताबिक, इस संकट की वजह से अब तक 60 लाख से ज्यादा लोगों को अपना सफर रद्द करना पड़ा है। यह स्थिति फरवरी के अंत से शुरू हुई थी जो अब तक जारी है। हवाई क्षेत्र यानी एयरस्पेस बंद होने की वजह से कई नामी एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं रोक दी हैं।
- प्रभावित यात्री: 60 लाख से अधिक लोग परेशान हुए।
- एयरलाइंस: Kuwait Airways, Jazeera Airways, Lufthansa और KLM ने रूट बदल दिए हैं।
- प्रतिबंधित क्षेत्र: कुवैत, ईरान, इराक, इजरायल और बहरीन के ऊपर से उड़ानों पर पाबंदी है।
- नुकसान: कुवैत की 650 से ज्यादा ट्रैवल कंपनियों को भारी वित्तीय घाटा हो रहा है।
कुवैत आने-जाने वालों के लिए क्या हैं नए नियम?
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमलों के कारण हुए नुकसान की वजह से अब कई उड़ानों को सऊदी अरब की तरफ मोड़ा जा रहा है। यात्रियों को कुवैत पहुंचने के लिए अब नए रास्तों और नियमों का पालन करना पड़ रहा है।
| सुविधा | नया अपडेट |
|---|---|
| वैकल्पिक रास्ता | Jazeera Airways अब सऊदी के Qaisumah Airport के जरिए उड़ानें संचालित कर रही है। |
| सड़क मार्ग | यात्रियों को Qaisumah से कुवैत तक 2.5 घंटे का सफर कार या बस से करना होगा। |
| वीज़ा और रिफंड | फंसे हुए यात्रियों के लिए वीज़ा एक्सटेंशन और टिकट रिफंड के नियम जारी किए गए हैं। |
| बिजली सेवा | ड्रोन हमले से खराब हुई 6 में से 5 बिजली लाइनों को कुवैत में ठीक कर लिया गया है। |
एक्सपर्ट्स की राय और भविष्य की स्थिति
कुवैत फेडरेशन ऑफ ट्रैवल एंड टूरिज्म ऑफिस के चेयरमैन मोहम्मद अल-मुतैरी ने चेतावनी दी है कि अगर यह युद्ध दो महीने और चला तो वैश्विक पर्यटन को बड़ा झटका लगेगा। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट केवल यात्रियों के लिए ही नहीं बल्कि एयरलाइंस के लिए भी मुश्किल है क्योंकि उनके विमान और क्रू मेंबर्स अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं। फिलहाल कुवैत में रडार और टर्मिनल 1 को हुए नुकसान को ठीक करने का काम चल रहा है और स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है।




