NATO का बड़ा ऐलान, सऊदी और खाड़ी देशों को मिला अपनी रक्षा के लिए हमले रोकने का अधिकार
NATO ने अधिकारिक तौर पर यह साफ कर दिया है कि सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के पास अपनी सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा करने का पूरा हक है। यह बयान संयुक्त राष्ट्र चार्टर के नियमों के आधार पर दिया गया है। ब्रुसेल्स में हुई एक खास बैठक के बाद नाटो के अधिकारियों ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई है। इससे खाड़ी देशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी संप्रभुता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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नाटो और खाड़ी देशों के बीच बैठक में क्या हुआ?
मार्च 18, 2026 को ब्रुसेल्स में नाटो सहयोगियों की बहरीन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधियों के साथ एक बड़ी मीटिंग हुई। इस दौरान नाटो की डिप्टी सेक्रेटरी जनरल राडमिला शेकरिंस्का ने साफ किया कि वह खाड़ी देशों के साथ मजबूती से खड़े हैं। बैठक में क्षेत्र में हो रहे हमलों की निंदा की गई और इसे अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के नियमों के तहत हर देश को अपनी रक्षा करने का अधिकार दिया गया है।
खाड़ी देशों की सुरक्षा और भविष्य के कदम
- सऊदी राजदूत राजकुमारी रीमा बिंत बंदर ने वाशिंगटन में अमेरिकी सांसदों के साथ सुरक्षा के मसलों पर विस्तार से चर्चा की।
- खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भी यह बात दोहराई है कि उनके सदस्य देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है।
- संयुक्त राष्ट्र चार्टर का अनुच्छेद 51 किसी भी देश को हमले की स्थिति में अपनी सुरक्षा करने की इजाजत देता है।
- खाड़ी देश फिलहाल कूटनीतिक रास्तों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के जरिए अपने हितों की रक्षा कर रहे हैं।
- इन देशों के नागरिक ठिकानों और ऊर्जा केंद्रों की सुरक्षा को लेकर नाटो ने अपनी चिंता जाहिर की है।




