भारत के पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (Nipah Virus) के मामले सामने आने के बाद एशिया के कई देशों ने सतर्कता बढ़ा दी है। थाईलैंड और नेपाल जैसे देशों ने अपने एयरपोर्ट पर भारतीय यात्रियों, विशेषकर पश्चिम बंगाल से आने वालों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग इस प्रकोप को रोकने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है।
थाईलैंड और नेपाल एयरपोर्ट पर क्या हैं नए नियम?
निपाह वायरस के खतरे को देखते हुए पड़ोसी देशों ने अपने हवाई अड्डों पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। थाईलैंड ने सुवर्णभूमि और डोन मुएंग जैसे प्रमुख एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य जांच शुरू की है।
- थाईलैंड: पश्चिम बंगाल से आने वाले यात्रियों का बुखार चेक किया जा रहा है और हेल्थ डिक्लेरेशन कार्ड भरवाया जा रहा है।
- नेपाल: त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट और भारत से लगी जमीनी सीमाओं पर हेल्थ डेस्क बनाए गए हैं।
- ताइवान: केरल और बंगाल जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रैवल अलर्ट जारी किया है।
पश्चिम बंगाल में अब तक कितने मामले?
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के पांच मामलों की पुष्टि हुई है। यह मामले मुख्य रूप से बारासात (कोलकाता के पास) के एक निजी अस्पताल से जुड़े हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल मामले | 5 (पुष्ट) |
| प्रभावित लोग | ज्यादातर स्वास्थ्य कर्मी (डॉक्टर और नर्स) |
| क्वारंटाइन | लगभग 100-200 संपर्क निगरानी में |
| स्थिति | प्रशासन द्वारा नियंत्रित |
निपाह वायरस के लक्षण क्या हैं?
निपाह वायरस के लक्षण सामान्य बुखार से शुरू होकर गंभीर दिमागी बुखार तक जा सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण के बाद लक्षण दिखने में 4 से 14 दिन लग सकते हैं।
- शुरुआती लक्षण: बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और गले में खराश।
- गंभीर लक्षण: सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, बेहोशी और दिमाग में सूजन (Encephalitis)।
क्या इसका कोई इलाज या वैक्सीन है?
फिलहाल निपाह वायरस के लिए कोई लाइसेंस प्राप्त दवा या वैक्सीन बाजार में उपलब्ध नहीं है। मरीजों को केवल सपोर्टिव केयर दी जाती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि बांग्लादेश में पीएचवी02 (PHV02) वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो रहा है, जो भविष्य में इस बीमारी से लड़ने में मदद कर सकता है।




