Kuwait School Holiday: रमजान के आखिरी 10 दिन मिलेगी छुट्टी, शिक्षा मंत्रालय का बड़ा ऐलान
कुवैत के शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों और शिक्षकों के मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि आगामी शैक्षणिक सत्रों में रमजान के आखिरी दस दिनों के दौरान स्कूलों में छुट्टी रहेगी। यह निर्णय नए पांच साल के शैक्षणिक कैलेंडर (2025-2029) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखते हुए धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना है।
कब से लागू होगा यह नियम और क्या है तारीखें?
यह नया नियम शैक्षणिक वर्ष 2025-2026 से प्रभावी होगा। चूंकि 2026 में रमजान फरवरी के मध्य में शुरू होने की उम्मीद है, इसलिए यह विशेष छुट्टी लगभग 10 मार्च से 20 मार्च 2026 तक रहेगी, जो सीधे ईद अल-फितर के जश्न तक चलेगी। इस 10 दिनों की छुट्टी की भरपाई के लिए और पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए स्कूलों का सत्र एक सप्ताह पहले शुरू किया जाएगा। स्टाफ 1 सितंबर 2025 से और छात्र 7 सितंबर 2025 से स्कूल जाना शुरू करेंगे।
रमजान के बाकी दिनों में कैसे चलेंगे स्कूल?
रमजान के शुरुआती 20 दिनों में जब स्कूल खुले रहेंगे, तो छात्रों पर बोझ कम करने के लिए समय सारिणी में बदलाव किया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान पढ़ाई का समय थोड़ा कम रहेगा ताकि रोजेदार छात्रों और शिक्षकों को परेशानी न हो।
- हर पीरियड का समय घटाकर 30 से 35 मिनट कर दिया जाएगा।
- रोजाना कुल 7 पीरियड ही पढ़ाई होगी।
- किंडरगार्टन के बच्चों की छुट्टी दोपहर 1:10 बजे होगी।
- हाई स्कूल के छात्रों की छुट्टी दोपहर 2:10 बजे होगी।
मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि इस दौरान शिक्षकों या स्टाफ को काम के घंटों में कोई अतिरिक्त छूट (partial absence) नहीं मिलेगी, क्योंकि सत्र की शुरुआत पहले ही समायोजित कर ली गई है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
शिक्षा मंत्री इंजीनियर सैयद जलाल अल-तबतबाई और अन्य अधिकारियों ने इसे एक "शैक्षिक और मनोवैज्ञानिक निवेश" बताया है। अक्सर देखा गया है कि रमजान के आखिरी दिनों में स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति न के बराबर रह जाती थी, जिससे सरकारी संसाधनों की बर्बादी होती थी। इस फैसले से:
- छात्र और शिक्षक 'लैलात अल-कद्र' जैसी महत्वपूर्ण रातों में इबादत कर सकेंगे।
- परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा जिससे सामाजिक बंधन मजबूत होंगे।
- बिना बताए स्कूल से गायब रहने (absenteeism) की समस्या खत्म होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छात्रों का तनाव कम होगा और वे ईद के बाद तरोताजा होकर पढ़ाई पर ध्यान दे सकेंगे।




