• About
  • Career
  • Contact
  • Team
  • Policies
  • Privacy Policy
  • Correction Policies
  • Fact-Checking Policy
  • Newsletter
सोमवार, जनवरी 19, 2026
GulfHindi
  • Login
  • India
  • UAE
  • Saudi
  • Qatar
  • Kuwait
  • Bahrain
  • Oman
  • Yemen
  • Automotive
  • Finance
  • World
No Result
View All Result
GulfHindi
  • India
  • UAE
  • Saudi
  • Qatar
  • Kuwait
  • Bahrain
  • Oman
  • Yemen
  • Automotive
  • Finance
  • World
GulfHindi
No Result
View All Result
  • India
  • UAE
  • Saudi
  • Kuwait
  • Bahrain
  • Qatar
  • Oman
  • Finance
  • Automotive
  • World
  • Yemen
Home India

भारत लौटे अनिवासी भारतीय: पहले साल के टैक्स नियम और अनुपालन की पूरी जानकारी

GulfHindi Desk by GulfHindi Desk
जनवरी 19, 2026
in India
0
0
SHARES
25
VIEWS

भारत लौटने वाले अनिवासी भारतीयों (NRIs) के लिए पहला साल टैक्स के लिहाज़ से काफी जटिल हो सकता है। आवासीय स्थिति में बदलाव, विदेशी आय पर कराधान, विदेशी संपत्तियों के खुलासे की आवश्यकता और दोहरे कराधान से बचाव समझौते (DTAA) के नियम, वापसी करने वालों को अक्सर अचंभित कर देते हैं। हालांकि, मौजूदा ढाँचा एक संरचित ‘ग्रेस पीरियड’ भी प्रदान करता है, जिससे कुछ चुनौतियों से निपटा जा सकता है।

अनिवासी भारतीय (NRI) के लिए पहला साल: टैक्स के नियम और चुनौतियाँ

भारत लौटने के बाद, अनिवासी भारतीयों (NRIs) की कर देयता उनकी नई आवासीय स्थिति पर निर्भर करती है। पहले वर्ष में आवासीय स्थिति के निर्धारण और विदेशी आय के कराधान को समझना महत्वपूर्ण है। कई रिटर्न करने वाले इस संक्रमणकालीन वर्ष में की गई गलतियों के कारण लंबे समय तक कर संबंधी समस्याओं में फंस जाते हैं, जिसे ‘टैक्स शॉक’ कहा जाता है।

आपकी आवासीय स्थिति (Residential Status) कैसे निर्धारित होती है?

भारत में आपकी कर देयता मुख्य रूप से आपकी आवासीय स्थिति पर आधारित होती है, जो आपके भारत में रहने के दिनों की संख्या पर निर्भर करती है, न कि आपके इरादे पर। भारत लौटने पर आपकी कर आवासीय स्थिति धीरे-धीरे बदलती है।


  • यदि आप पहले वर्ष में 182 दिनों से कम समय तक भारत में रहते हैं, तो आप आमतौर पर अनिवासी (NR) के रूप में वर्गीकृत होते हैं।
  • इसके बाद, आप निवासी लेकिन सामान्यतः निवासी नहीं (RNOR) स्थिति में आ जाते हैं, जो 2-3 साल तक रह सकती है।
  • अंततः, आप निवासी और सामान्यतः निवासी (ROR) बन जाते हैं।

आपको RNOR का दर्जा तब मिलता है जब आप पिछले 10 में से 9 साल तक NRI रहे हों या पिछले 7 सालों में भारत में 729 दिन या उससे कम रहे हों।

आवासीय स्थिति और दिन की गणना के नियम

आवासीय स्थिति शर्तें वैधता अवधि
अनिवासी (NR) भारत में 182 दिनों से कम निवास 1 वर्ष
निवासी लेकिन सामान्यतः निवासी नहीं (RNOR) पिछले 10 में से 9 साल NRI
या पिछले 7 सालों में 729 दिन या उससे कम भारत में निवास
आमतौर पर 2-3 वर्ष
निवासी और सामान्यतः निवासी (ROR) NR और RNOR की शर्तें पूरी न होने पर स्थायी

विदेश से होने वाली आय (Foreign Income) पर टैक्स के नियम

विदेशी आय पर कराधान आपकी आवासीय स्थिति पर सीधे निर्भर करता है:

  • NR या RNOR स्थिति के दौरान: विदेशी आय भारतीय कराधान से काफी हद तक मुक्त रहती है। RNOR अवधि के दौरान, आपकी वैश्विक आय भारतीय कराधान से मुक्त होती है, सिवाय उस आय के जो भारत से नियंत्रित व्यवसाय या पेशे से जुड़ी हो। यह छूट आमतौर पर 2-3 साल तक चलती है, जिससे आपको अपने वित्त को पुनर्गठित करने का समय मिलता है।
  • ROR स्थिति प्राप्त होने पर: एक बार जब आप ROR स्थिति में आ जाते हैं, तो आपकी दुनिया भर की आय भारत में पूरी तरह से कर योग्य हो जाती है, जिसमें विदेशी किराये की आय, लाभांश, ब्याज आय और विदेशी संपत्ति की बिक्री से होने वाला लाभ शामिल है। कई वापसी करने वाले यह मान लेते हैं कि विदेशी आय हमेशा भारत के कर जाल से मुक्त होती है, जो कि गलत है।

विदेशी संपत्तियों (Foreign Assets) का खुलासा और अन्य महत्वपूर्ण बातें

भारत लौटने पर विदेशी संपत्तियों के खुलासे और बैंकिंग संबंधी नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है:

  • संपत्ति का खुलासा: NR और RNOR वर्षों के दौरान, आपको अपने भारतीय आयकर रिटर्न में विदेशी संपत्तियों की रिपोर्ट करने की आवश्यकता नहीं होती है। यह प्रकटीकरण आवश्यकता तभी लागू होती है जब आप ROR स्थिति प्राप्त कर लेते हैं। ROR बनने के बाद, शेड्यूल FA में विदेशी बैंक खातों, ESOPs, RSUs या अन्य संपत्तियों का खुलासा न करना एक अनुपालन जोखिम हो सकता है।
  • बैंक खातों का परिवर्तन: आपको निवासी बनने के बाद NRE/NRO खातों को तुरंत निवासी खातों में परिवर्तित करना होगा। FCNR जमा परिपक्वता तक बनाए रखे जा सकते हैं और आपकी RNOR अवधि के दौरान कर-मुक्त रहते हैं। KYC अपडेट करना और बैंकों, ब्रोकर्स और म्यूचुअल फंड के साथ अपनी आवासीय स्थिति को संशोधित करना भी महत्वपूर्ण है। NRE ब्याज को छूट के रूप में दावा करना जारी रखना या FEMA आवश्यकताओं को अनदेखा करना गलत रिपोर्टिंग और दंड का कारण बन सकता है।

टैक्स और अनुपालन में गलतियों से कैसे बचें?

भारत वापसी के पहले साल में होने वाली सामान्य गलतियों से बचने के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपनाना महत्वपूर्ण है:

  • आवासीय स्थिति पर नज़र रखें: दिनों की गणना को ध्यान से ट्रैक करें और अपनी आवासीय स्थिति का वार्षिक पुनर्मूल्यांकन करें। RNOR को NRI स्थिति के बराबर मानना और बहुत लंबे समय तक RNOR लाभों को समझना एक बड़ी गलती हो सकती है।
  • विदेशी आय और संपत्ति की समीक्षा: रिटर्न दाखिल करने से पहले विदेशी आय और संपत्तियों की समीक्षा करें। ROR स्थिति लागू होने के बाद, वैश्विक आय की रिपोर्ट करना अनिवार्य है।
  • अग्रिम कर योजना और DTAA: यदि आप विदेशी संपत्ति बेचने या विदेशी सेवानिवृत्ति खातों से धन निकालने की योजना बना रहे हैं, तो ROR स्थिति में बदलने से पहले इन लेनदेन को पूरा करने की सलाह दी जाती है ताकि आप उन लेनदेन पर भारतीय कराधान से बच सकें। विदेशी कर क्रेडिट (FTC) का दावा करने के लिए फॉर्म 67, कर निवास प्रमाण पत्र या संधि विश्लेषण जैसे चरणों को समझना आवश्यक है। विदेशी कर का भुगतान करने का मतलब यह नहीं है कि भारतीय कर देयता स्वचालित रूप से समाप्त हो जाती है।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे वित्तीय या कर सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। पाठकों को व्यक्तिगत वित्तीय सलाह के लिए योग्य कर सलाहकार से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।

Last Updated: 19 January 2026

ShareTweetSendShare
Previous Post

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) IMPS लेनदेन शुल्क: 15 फरवरी 2026 से लागू होंगे नए नियम

Next Post

संसद में आ रहा है नया बिजली कानून: जानिए विद्युत वितरण कंपनियों और उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर

GulfHindi Desk

GulfHindi Desk

Serving Arab, India Live News Updates since 2018. You can share your feedback, requests on [email protected]

Related Posts

India

संसद में आ रहा है नया बिजली कानून: जानिए विद्युत वितरण कंपनियों और उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर

by GulfHindi Desk
जनवरी 19, 2026
0

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने हाल ही में घोषणा की है कि बिजली संशोधन विधेयक जल्द ही संसद के आगामी बजट सत्र में पेश किया जाएगा।...

Read moreDetails

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) IMPS लेनदेन शुल्क: 15 फरवरी 2026 से लागू होंगे नए नियम

जनवरी 19, 2026

अमेरिकी वीज़ा बॉन्ड नियम: 21 जनवरी 2026 से दुनिया भर के बांग्लादेशी नागरिकों पर B1/B2 वीज़ा हेतु लागू होगा नया प्रावधान

जनवरी 19, 2026

सऊदी अरब में अवैध प्रवासियों पर बड़ी कार्रवाई: एक सप्ताह में 18,000 से अधिक गिरफ्तार

जनवरी 19, 2026
Next Post

संसद में आ रहा है नया बिजली कानून: जानिए विद्युत वितरण कंपनियों और उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर

Please login to join discussion
Facebook Twitter LinkedIn Youtube Whatsapp

Welcome to GulfHindi.com

GulfHindi.com Started in Year 2014 as online community converted into website by year 2019. We are thankful to our reader and their engagement with us. We server general purpose day to day helpful contents in news, finance, automotive and expats related issues or updates inside and outside India.

Gulfhindi.com

About Us.

  • About
  • Career
  • Contact
  • Correction Policies
  • Fact-Checking Policy
  • Privacy Policy
  • Team

Contact Us

GulfHindi, Anand villa 201, DPS more, Priyadarshi Nagar, Patna, Bihar, India 801503
Email: [email protected]
Mobile: 9504756906

© 2025 GulfHindi.com | RR Sanchar Nagar, T6/301, 801105, Danapur, Patna, Bihar | Email: [email protected] | Mob: 9504756906

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • India
  • UAE
  • Saudi
  • Qatar
  • Kuwait
  • Bahrain
  • Oman
  • Yemen
  • Automotive
  • Finance
  • World

© 2025 GulfHindi.com | RR Sanchar Nagar, T6/301, 801105, Danapur, Patna, Bihar | Email: [email protected] | Mob: 9504756906