ओडिशा के राउरकेला में एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। यहाँ इंडियावन एयर का एक छोटा 9-सीटर विमान उड़ान के दौरान अचानक तकनीकी खराबी का शिकार हो गया, जिसके बाद पायलट को मजबूरन विमान की क्रैश-लैंडिंग करानी पड़ी। गनीमत यह रही कि इस भयानक दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई है, हालांकि विमान में सवार सभी लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया।
उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी का सिग्नल मिलते ही पायलट ने दिखाई सूझबूझ, घास के मैदान में कराई आपात लैंडिंग
विमान ने जैसे ही उड़ान भरी, कुछ ही देर बाद पायलट को तकनीकी गड़बड़ी का आभास हो गया। स्थिति की गंभीरता और खतरे को देखते हुए पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को ‘मेडे’ (Mayday) कॉल दी, जो कि एक आपातकालीन संकेत होता है। यात्रियों की जान बचाने के लिए पायलट ने त्वरित निर्णय लिया और विमान को हवाई पट्टी तक ले जाने के जोखिम के बजाय पास के ही एक खुले घास के मैदान में उतारने का फैसला किया। उबड़-खाबड़ जमीन पर उतरने के कारण विमान क्रैश-लैंडिंग का शिकार हुआ, लेकिन पायलट की इस तत्परता से विमान में आग लगने या बड़े विस्फोट जैसा विनाशकारी हादसा होने से बच गया।
विमान में सवार चार यात्रियों और क्रू मेंबर्स को आईं चोटें, सभी को राउरकेला के सरकारी अस्पताल में कराया गया भर्ती
इस 9-सीटर विमान में कुल 6 लोग सवार थे। इनमें 4 यात्री और 2 क्रू मेंबर (पायलट और को-पायलट) शामिल थे। जमीन पर गिरते वक्त लगे जोरदार झटके के कारण सभी छह लोग घायल हो गए हैं। राहत की खबर यह है कि सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है और किसी की जान को खतरा नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए एंबुलेंस के जरिए सभी घायलों को तुरंत राउरकेला के सरकारी अस्पताल (Rourkela Government Hospital) में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
डीजीसीए और एएआईबी की टीमें करेंगी दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच, मुख्यमंत्री ने दिए घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश
घटना की सूचना मिलते ही विमानन क्षेत्र के उच्च अधिकारी हरकत में आ गए हैं। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की विशेष टीमें जांच के लिए दुर्घटना स्थल पर भेजी जा रही हैं। यह दल ब्लैक बॉक्स और मलबे की जांच कर यह पता लगाएगा कि आखिर विमान में अचानक ऐसी कौन सी तकनीकी खराबी आई थी जिससे यह नौबत आई। वहीं, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मज़ी ने भी इस दुर्घटना पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए और उनके इलाज में किसी भी प्रकार की कमी न रखी जाए।





