ताज़ा खबर यह है कि यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) में भारी बमबारी (Shelling) हुई है, जिसके चलते वहां स्थित कतर (Qatar) के दूतावास (Embassy) को नुकसान पहुँचा है।
इस घटना पर UAE (संयुक्त अरब अमीरात) ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है और एक बहुत ही ज़रूरी बात कही है। आइये, आसान भाषा में समझते हैं कि UAE ने क्या संदेश दिया है।
🏢 UAE का कड़ा संदेश: “डिप्लोमेटिक इमारतों को बख्श दिया जाए”
कतर की एम्बेसी को हुए नुकसान के बाद, UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा है:
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सुरक्षा ज़रूरी है: युद्ध चाहे जो भी हो, लेकिन नागरिक (Civilian) और राजनयिक इमारतें (Diplomatic Buildings) सुरक्षित रहनी चाहिए।
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नियमों का पालन हो: अंतरराष्ट्रीय नियमों (Diplomatic Norms) के मुताबिक, एम्बेसी और वहां काम करने वाले स्टाफ के घरों पर हमला करना या उन्हें नुकसान पहुँचाना गलत है।
UAE ने इस बात पर जोर दिया है कि डिप्लोमेटिक मिशनों की पवित्रता और सुरक्षा हर हाल में बनाए रखनी चाहिए।

🕊️ “बातचीत से निकले हल”
सिर्फ निंदा ही नहीं, UAE ने इस युद्ध को खत्म करने के लिए भी अपनी आवाज़ उठाई है। विदेश मंत्रालय ने कहा:
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शांति की ओर कदम: UAE अभी भी इस बात के लिए प्रतिबद्ध (Committed) है कि यूक्रेन संघर्ष का कोई शांतिपूर्ण हल (Peaceful Solution) निकले।
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बातचीत ही रास्ता है: बिगड़ते मानवीय हालात और आम लोगों की तकलीफों को देखते हुए, UAE ने फिर से अपील की है कि ‘डिप्लोमेसी’ (Diplomacy) और ‘डायलॉग’ (बातचीत) का रास्ता अपनाया जाए।
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तनाव कम हो: उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि युद्ध को भड़काने के बजाय माहौल को शांत (De-escalation) किया जाए।
यह साफ़ हैं कि इस युद्ध में कोई भी जगह पूरी तरह सुरक्षित नहीं है, यहाँ तक कि दूतावास भी नहीं। UAE का यह बयान न सिर्फ कतर के समर्थन में है, बल्कि यह दुनिया को याद दिलाने के लिए भी है कि युद्ध के भी कुछ नियम होते हैं जिनका पालन होना चाहिए।





