Oman पर पहली बार हुआ हमला, Duqm Port और तेल टैंकर बने निशाना, विदेश मंत्री ने की अमेरिका से अपील
ओमान में हाल ही में एक बेहद गंभीर घटना घटी है, जिसने पूरे खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। 1 मार्च को ओमान के Duqm Port और वहां से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर सैन्य हमला किया गया। इतिहास में यह पहली बार है जब ओमान की जमीन पर सीधे तौर पर इस तरह की कार्रवाई देखी गई है। ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Albusaidi ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कई देशों के नेताओं से बात की है और शांति बनाए रखने की अपील की है।
Duqm Port पर हमले की पूरी जानकारी
आधिकारिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो ड्रोन ने Duqm Port के ढांचे को निशाना बनाया, जिसमें एक कर्मचारी के घायल होने की खबर है। इसके अलावा, ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर पर भी हमला हुआ, जिसके बाद जहाज के क्रू को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच ओमान की मध्यस्थता में चल रही बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही थी।
इस घटना के बाद सुरक्षा को देखते हुए मस्कट में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों के लिए “shelter-in-place” यानी सुरक्षित स्थान पर ही रहने का आदेश तुरंत जारी कर दिया। ओमान के विदेश मंत्रालय ने भी अपने नागरिकों और वहां रहने वाले लोगों को उन इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है जहां खतरा ज्यादा हो सकता है।
विदेश मंत्री और सुल्तान का कड़ा संदेश
ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Albusaidi ने इस हमले पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अमेरिका को सीधा संदेश देते हुए साफ शब्दों में कहा, “मैं अमेरिका से आग्रह करता हूं कि वे इसमें और न उलझें, यह आपकी लड़ाई नहीं है।” सुल्तान हैथम बिन तारिक ने भी सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और सभी देशों से एक-दूसरे की सीमाओं का सम्मान करने को कहा है।
विदेश मंत्री ने जॉर्डन, मिस्र और GCC देशों (सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत) के नेताओं के साथ-साथ ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन के अधिकारियों से भी फोन पर बात की है। ओमान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से तुरंत बैठक बुलाने और तत्काल युद्धविराम लागू करने की मांग की है।
आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या है सलाह?
इस बढ़ते तनाव का असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और व्यापार पर पड़ सकता है। सुरक्षा जानकारों का कहना है कि ओमान अब तक एक निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका में था, लेकिन इस हमले ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है। ओमान में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य विदेशी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
क्षेत्रीय तनाव के कारण उड़ानों और पोर्ट के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है, जैसा कि इराक के एयरस्पेस बंद होने और अन्य पोर्ट्स पर दिक्कतें आने से देखा गया है। ओमान का विदेश मंत्रालय हाई-रिस्क वाले इलाकों में फंसे अपने नागरिकों की निगरानी और मदद के लिए लगातार काम कर रहा है।




