30 मार्च 2026 को ओमान ने कुवैत के साथ अपनी पूरी एकजुटता व्यक्त की है। ओमान ने स्पष्ट किया कि वह कुवैत की राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय संप्रभुता और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करता है। यह घोषणा कुवैत सिटी में एक प्रमुख ऊर्जा केंद्र पर हुए हमले के बाद हुई है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।

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कुवैत में सुरक्षा को लेकर क्या नए कदम उठाए गए हैं?

कुवैत सरकार ने देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दो नए डिक्री कानून जारी किए हैं। कानून संख्या (47) आतंकवाद से निपटने के लिए बनाया गया है, जबकि कानून संख्या (13) सैन्य अधिकारियों के सर्वोच्च हितों की सुरक्षा के लिए है। ये कानून आतंकवाद की परिभाषा को व्यापक बनाते हैं और दंड को सख्त करते हैं। इसके अलावा कुवैती लोक अभियोजन विभाग जासूसी और राज्य सुरक्षा से जुड़े गुप्त मामलों की भी गंभीरता से जांच कर रहा है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और GCC की क्या भूमिका है?

खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने इस संकट के बीच एक विशेष बैठक की थी जिसमें कुवैत और ओमान पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों पर चर्चा की गई। ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसैदी ने सदस्य देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा और एकता पर जोर दिया है। अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घेइत ने भी अरब देशों की सीमाओं और सुरक्षा से किसी भी प्रकार के समझौते को स्वीकार न करने की बात कही है।

तारीख मुख्य घटनाक्रम
30 मार्च 2026 ओमान ने कुवैत के प्रति एकजुटता जताई
30 मार्च 2026 कुवैत सिटी के पावर साइट पर हमला हुआ
17 मार्च 2026 आतंकवाद विरोधी नया कानून लागू हुआ
1 मार्च 2026 GCC की 50वीं असाधारण बैठक आयोजित हुई
28 फरवरी 2026 GCC देशों पर हमले की रिपोर्ट सामने आई