पाकिस्तान आर्मी चीफ का विवादित बयान, शिया मौलवियों से बोले- ‘ईरान से इतना प्यार है तो वहीं चले जाएं’
पाकिस्तान के सेना प्रमुख General Asim Munir ने Rawalpindi में एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान शिया मौलवियों को लेकर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि जिन लोगों को ईरान से बहुत प्यार है, उन्हें वहीं चले जाना चाहिए। यह बयान उस समय आया है जब ईरान के नेता Ayatollah Ali Khamenei की हत्या के बाद पाकिस्तान के कई हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए और सुरक्षा स्थिति नाजुक बनी हुई है।
General Asim Munir ने बैठक में क्या निर्देश दिए?
Army Chief ने शिया धर्मगुरुओं के साथ बैठक में सख्त रुख अपनाया और कहा कि पाकिस्तान के अंदर किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि दूसरे देशों में होने वाली घटनाओं का असर पाकिस्तान के माहौल पर नहीं पड़ना चाहिए। सेना प्रमुख ने चेतावनी दी कि जो लोग अशांति फैलाने में शामिल हैं, उन पर सैन्य अदालतों में मुकदमा चलाया जा सकता है।
- धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल हिंसा भड़काने के लिए नहीं होना चाहिए।
- राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा।
- ISPR ने पुष्टि की कि इस मुलाकात में सामाजिक सद्भाव और सुरक्षा पर चर्चा हुई।
क्यों नाराज हैं शिया नेता और क्या हैं जमीनी हालात?
शिया समुदाय के नेताओं ने सेना प्रमुख के इस बयान की कड़ी निंदा की है और इसे पूरी कम्युनिटी का अपमान बताया है। मौलवियों का कहना है कि कुछ लोगों की हरकतों के लिए पूरे समुदाय को जिम्मेदार ठहराना और उन्हें दूसरे देश जाने के लिए कहना गलत है। मार्च 2026 की शुरुआत में Karachi और Gilgit-Baltistan में Khamenei की मौत के विरोध में बड़े प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की थी।
यह घटना पाकिस्तान की बदलती कूटनीति की तरफ इशारा करती है। पाकिस्तान वर्तमान में खाड़ी देशों (Gulf Nations) के साथ अपने संबंधों को अधिक प्राथमिकता दे रहा है और ईरान के साथ अपने रिश्तों में संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयानों से देश के अंदर सांप्रदायिक तनाव और अधिक बढ़ सकता है।




