पाकिस्तान सरकार ने विदेशों में रहने वाले अपने नागरिकों, विशेषकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अन्य खाड़ी देशों में रहने वालों के लिए कार आयात (Import) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने ‘पर्सनल बैगेज’ स्कीम के तहत पुरानी कारों के आयात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। पाकिस्तान के अर्थशास्त्र मंत्रालय ने इम्पोर्ट पॉलिसी ऑर्डर 2022 में संशोधन करते हुए गुरुवार को एक नया वैधानिक नियामक आदेश (SRO) जारी किया है, जिससे प्रवासी पाकिस्तानियों को अब अपनी कार घर भेजने के लिए केवल सीमित विकल्प ही मिलेंगे।
केवल इन दो स्कीमों के तहत ही ला सकेंगे कार
नए आदेश के अनुसार, अब प्रवासी पाकिस्तानी ‘पर्सनल बैगेज’ यानी अपने निजी सामान के हिस्से के रूप में कार नहीं ला सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब कारों का आयात केवल दो श्रेणियों के तहत ही किया जा सकता है: ‘ट्रांसफर ऑफ रेजिडेंस’ (Transfer of Residence) और ‘गिफ्ट स्कीम्स’ (Gift Schemes)।
यह फैसला स्थानीय ऑटोमोबाइल उद्योग को बढ़ावा देने और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे पहले, दिसंबर 2025 में आर्थिक समन्वय समिति ने 3 साल तक पुरानी कारों के आयात की अनुमति दी थी, जिसे अब इन दो विशिष्ट योजनाओं तक सीमित कर दिया गया है।
कार बेचने और ट्रांसफर करने पर सख्त शर्तें
सरकार ने सिर्फ स्कीम ही सीमित नहीं की है, बल्कि आयात की गई कारों के मालिकाना हक को लेकर भी कड़े नियम लागू किए हैं। ‘ट्रांसफर ऑफ रेजिडेंस’ और ‘गिफ्ट स्कीम्स’ के तहत जो भी वाहन पाकिस्तान लाए जाएंगे, उन्हें आयात की तारीख से लेकर अगले एक साल तक किसी और को बेचा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।
इसके अलावा, ‘ट्रांसफर ऑफ रेजिडेंस’ स्कीम के तहत एक और शर्त जोड़ी गई है। इसके मुताबिक, प्रवासी पाकिस्तानी केवल उसी देश से वाहन आयात कर सकते हैं जहां वे वर्तमान में निवास कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति दुबई में रहता है, तो उसे यूएई से ही कार भेजनी होगी, किसी अन्य देश से नहीं।
समय सीमा और सुरक्षा मानकों में बदलाव
मंत्रालय ने वाहनों के आयात के लिए समय सीमा में भी राहत दी है। गुड्स डिक्लेरेशन फाइल करने की समय सीमा को पिछले 700 दिनों से बढ़ाकर 850 दिन कर दिया गया है। यह उन लोगों के लिए थोड़ी राहत की खबर है जो प्रक्रिया पूरी करने में समय लगा रहे थे।
हालांकि, सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया गया है। गिफ्ट और रेजिडेंस ट्रांसफर स्कीम के तहत आने वाले वाहनों को भी उन्हीं न्यूनतम सुरक्षा और पर्यावरण मानकों का पालन करना होगा, जो कमर्शियल आयात पर लागू होते हैं। इंजीनियरिंग डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों का पूरा पालन करना अनिवार्य होगा।
प्रवासी पाकिस्तानियों और ऑटो इंडस्ट्री पर प्रभाव
इस फैसले का सीधा असर दुनिया भर में रहने वाले 90 लाख से अधिक प्रवासी पाकिस्तानियों पर पड़ेगा। इसमें से लगभग 55 लाख लोग खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों में रहते हैं। अकेले यूएई में 17 लाख से अधिक पाकिस्तानी नागरिक रहते हैं, जो अक्सर इन योजनाओं का लाभ उठाते थे।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के स्थानीय कार निर्माताओं ने इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने लंबे समय से सरकार से पुरानी कारों के आयात को रोकने की मांग की थी। आंकड़ों के मुताबिक, 2025 की पहली छमाही में पाकिस्तान में कारों की बिक्री में 46% की बढ़ोतरी हुई है, और स्थानीय उद्योग को उम्मीद है कि इस प्रतिबंध से उनकी बिक्री और बढ़ेगी।
प्रमुख बदलावों का विवरण
नए नियमों को आसानी से समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें:
| नियम/कैटेगरी | नया प्रावधान (2026) |
|---|---|
| पर्सनल बैगेज स्कीम | पूर्ण प्रतिबंध (अब कार नहीं ला सकते) |
| अनुमत स्कीम्स | केवल ‘ट्रांसफर ऑफ रेजिडेंस’ और ‘गिफ्ट स्कीम’ |
| वाहन बेचने पर रोक | आयात के बाद 1 साल तक ओनरशिप ट्रांसफर नहीं होगी |
| मूल देश (Origin Country) | कार उसी देश से आनी चाहिए जहां प्रवासी रहता है |
| कार की उम्र सीमा | अधिकतम 3 साल पुरानी |
Last Updated: 17 January 2026




