पाकिस्तान में अब 9 बजे बंद हो जाएंगे बाज़ार, बिजली बचाने के लिए सरकार ने लिया बड़ा फैसला, आज से नियम लागू
पाकिस्तान सरकार ने देश में ऊर्जा संकट को देखते हुए बाज़ारों और दुकानों को रात 9 बजे तक बंद करने का सख्त आदेश दिया है। मध्य पूर्व में जारी ईरान युद्ध की वजह से ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। 6 अप्रैल 2026 से लागू हुए इस नियम का मकसद बिजली की खपत कम करना और आयातित तेल पर होने वाले खर्च को बचाना है। प्रांतीय सरकारों ने इस बारे में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
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नए नियमों के तहत बाज़ारों और होटलों का समय क्या होगा?
खैबर पख्तूनख्वा में डिवीजनल मुख्यालयों के बाज़ार और शॉपिंग सेंटर रात 9 बजे तक बंद होंगे। वहीं प्रदेश के अन्य ज़िलों में दुकानें रात 8 बजे ही बंद करनी होंगी। रेस्टोरेंट, कैफे और शादी हॉल के लिए रात 10 बजे का समय तय किया गया है। बलूचिस्तान में प्रशासन ने और भी सख्ती दिखाई है, जहां सभी बाज़ार और शॉपिंग सेंटर रात 8 बजे तक बंद कर दिए जाएंगे। शादी हॉल और होटलों को रात 10 बजे तक अपनी गतिविधियां समेटनी होंगी।
किन सेवाओं को मिली है छूट और क्या है सरकारी निर्देश?
सरकार ने आम जनता की सहूलियत के लिए कुछ ज़रूरी सेवाओं को इन पाबंदियों से अलग रखा है। फैक्ट्रियों और इंडस्ट्रियल यूनिट्स को बंद नहीं किया गया है, लेकिन उन्हें अनावश्यक सजावटी लाइटों और फ्लड लाइट्स पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए यह जानना ज़रूरी है कि कौन सी चीज़ें खुली रहेंगी:
| सेवा का प्रकार | नियम और छूट |
|---|---|
| फार्मेसी और मेडिकल स्टोर | पूरी तरह छूट रहेगी |
| तंदूर और बेकरी | नियमित समय तक खुले रहेंगे |
| शादी हॉल और होटल | रात 10 बजे तक की अनुमति |
| रेस्टोरेंट डिलीवरी | तय समय के बाद भी चालू रहेगी |
| प्राइवेट ऑफिस और बैंक | बिजली बचत के कड़े नियम लागू |
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला और क्या होगा असर?
योजना मंत्री अहसन इकबाल ने बताया कि तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए बाज़ारों के समय में बदलाव ज़रूरी था। इस फैसले से सरकार और जनता के करोड़ों रुपये की बचत होने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक ईरान युद्ध की वजह से वैश्विक स्तर पर ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है। यह पाबंदी अस्थायी है और इसका मुख्य उद्देश्य बिजली ग्रिड पर दबाव कम करना और नागरिकों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को नियंत्रित करना है। ज़िला प्रशासन को इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।




