US Iran Conflict: पाकिस्तान बना अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ, जंग रोकने के लिए दिया गया 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव
पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभानी शुरू कर दी है। उप प्रधानमंत्री Ishaq Dar ने बताया कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाने का काम कर रहा है ताकि चल रहे युद्ध को रोका जा सके। अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को एक 15 सूत्रीय विशेष शांति योजना भेजी है। हालांकि, ईरान ने फिलहाल इन शर्तों को मानने से इनकार करते हुए अपनी नई मांगें सामने रखी हैं।
अमेरिका ने शांति के लिए क्या शर्तें रखी हैं?
अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान तक अपना प्रस्ताव पहुंचाया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता लाना और जंग को खत्म करना है। White House ने भी पुष्टि की है कि बातचीत का यह सिलसिला अभी जारी है और सकारात्मक दिशा में बढ़ रहा है। अमेरिका के इस प्रस्ताव में कुछ प्रमुख बिंदु शामिल हैं:
- ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर कड़े प्रतिबंध लगाना
- ईरान को आर्थिक प्रतिबंधों में बड़ी राहत देना
- Strait of Hormuz को व्यापारिक जहाजों के लिए दोबारा खोलना
- सशस्त्र गुटों को मिलने वाली मदद पर रोक लगाना
मध्यस्थता के बीच मौजूदा जमीनी हालात
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस्लामाबाद में इस बातचीत की मेजबानी करने की इच्छा जताई है। पाकिस्तान की सेना और सरकार दोनों ही इस मामले में सक्रिय हैं। हालांकि, बातचीत के दावों के बीच युद्ध की स्थिति भी बनी हुई है। हालिया घटनाक्रमों की जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:
| तारीख | महत्वपूर्ण घटनाक्रम |
|---|---|
| 24 मार्च 2026 | PM Shehbaz Sharif ने बातचीत की मेजबानी का प्रस्ताव दिया |
| 25 मार्च 2026 | अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए 15 सूत्रीय शांति योजना भेजी |
| 26 मार्च 2026 | Ishaq Dar ने आधिकारिक तौर पर मध्यस्थता की पुष्टि की |
| 28 फरवरी 2026 | अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की शुरुआत हुई |
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने फिलहाल किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह केवल मित्र देशों के जरिए संदेशों का लेन-देन है। वहीं, क्षेत्र में इजरायली हमलों और ईरान के पलटवार के कारण तनाव बना हुआ है। इस राजनीतिक अनिश्चितता के कारण ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों में भी उछाल देखा गया है।




