West Asia संकट में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर बड़ा बयान, US ने बताया सिर्फ मैसेज भेजने वाला जरिया
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों पर भारत के पूर्व डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर Pankaj Saran ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका ने साफ़ कर दिया है कि इस पूरे मामले में पाकिस्तान का रोल सिर्फ संदेश पहुंचाने तक ही सीमित है। उनके अनुसार पाकिस्तान शांति स्थापित करने का जो दावा कर रहा है, वह जमीनी हकीकत से काफी दूर नजर आता है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता पर पंकज सरन के बयान के मुख्य बिंदु
31 मार्च 2026 को पंकज सरन ने बताया कि पाकिस्तान जिस शांति की भूमिका की बात कर रहा है, उसमें वह अकेला नहीं है। अगर वह सक्षम होता, तो उसे मिस्र, तुर्की और सऊदी अरब जैसे देशों के साथ की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने इस स्थिति को राजनीतिक थिएटर करार दिया है। सरन के मुताबिक आने वाले सालों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और पाकिस्तान की प्रासंगिकता में बड़ा अंतर दिखाई देगा और पाकिस्तान का महत्व कम होता जाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की क्या है स्थिति?
इस संकट के दौरान विभिन्न देशों की भूमिका को लेकर कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं:
- अमेरिका ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पाकिस्तान की भूमिका केवल संदेशवाहक की है।
- ईरान के खिलाफ किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान को दूर रहने के लिए कहा गया है।
- अमेरिका या इजरायल द्वारा किसी भी जमीनी अभियान में पाकिस्तान की मदद या हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान की तुलना में अन्य क्षेत्रीय देशों जैसे मिस्र और सऊदी अरब की भूमिका को अधिक महत्व दिया जा रहा है।




